GAIL (India) Limited ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹4,650.22 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि कानूनी विवाद और LNG सप्लाई की समस्या निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
मुनाफे में छलांग, पर चुनौती बरकरार
GAIL (India) ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में मुनाफे में शानदार तेजी दर्ज की है। इस दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू बढ़कर ₹45,923.57 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹35,031.24 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹4,723.75 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹1,988.71 करोड़ था।
कानूनी पचड़े और चुनौतियां (Key Risks)
शानदार आंकड़ों के बावजूद कंपनी के सामने कुछ बड़ी बाधाएं खड़ी हैं। GAIL अभी ₹3,831 करोड़ के टैक्स विवाद (CESTAT) में उलझी हुई है, जो नेफ्था (Naphtha) वर्गीकरण से जुड़ा है। मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है। इसके अलावा, PNGRB टैरिफ ऑर्डर को लेकर भी कंपनी का कानूनी संघर्ष APTEL में जारी है।
सप्लाई चेन का दबाव
पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण कंपनी की LNG सप्लाई प्रभावित हुई है। एलएनजी कॉन्ट्रैक्ट्स में कटौती के चलते GAIL को अब महंगे स्पॉट मार्केट से गैस खरीदनी पड़ रही है, जिसका असर मार्जिन पर पड़ सकता है। आने वाले समय में सुप्रीम कोर्ट के फैसले और सप्लाई चेन की स्थिति पर निवेशकों की नजर रहेगी।
