GAIL (India) Ltd ने अपने Kochi-Koottanad-Bengaluru-Mangaluru Pipeline (KKBMPL) प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा बढ़ाकर मार्च 2027 कर दी है। लैंड एक्विजिशन (land acquisition) में आ रही दिक्कतों के कारण यह फैसला लिया गया है, हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि इसके लिए किसी अतिरिक्त कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरत नहीं पड़ेगी।
प्रोजेक्ट में देरी, पर बैलेंस शीट पर कोई असर नहीं
आमतौर पर प्रोजेक्ट्स में देरी होने पर निवेशकों को लागत बढ़ने (cost overrun) का डर सताता है, लेकिन GAIL के मामले में राहत की बात यह है कि इस विस्तार से कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने साफ किया है कि इस समय सीमा को बढ़ाने के लिए किसी भी नए निवेश या अतिरिक्त फंड की आवश्यकता नहीं है।
अब तक का काम और मौजूदा स्थिति
इस बड़े प्रोजेक्ट की कुल ऑथोराइज्ड लंबाई 1,104 किमी है, जिसमें से 951 किमी का काम अभी एक्टिव एग्जीक्यूशन में है। अब तक GAIL ने 947 किमी का नेटवर्क सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसमें से 715 किमी पाइपलाइन पहले से ही चालू हो चुकी है और अपना काम कर रही है। जो बाकी का काम बचा है, वह मुख्य रूप से जमीन मिलने में आ रही बाधाओं के कारण अटका हुआ है, जिसे अब कंपनी मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
आगे क्या होगा?
कंपनी अब Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB) के साथ मिलकर नई टाइमलाइन को फाइनल कर रही है। निवेशकों के लिए अब अगले कुछ समय तक इस पाइपलाइन के बचे हुए हिस्सों की प्रगति पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि यही ऑपरेशनल एफिशिएंसी को मापने का मुख्य पैमाना होगा।
