Fujiyama Power Systems ने स्पष्ट किया है कि सोलर मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी पर चीन द्वारा लगाए जा रहे निर्यात प्रतिबंधों से कंपनी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी की **1.2 GW** क्षमता वाली रतलाम फैसिलिटी के लिए जरूरी मशीनरी पहले ही साइट पर पहुंच चुकी है और इसका कमिशनिंग **Q1 FY 2027-28** तक तय है।
प्रोजेक्ट पर सुरक्षा का भरोसा
हाल ही में चीन द्वारा सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की खबरों के बाद निवेशकों में चिंता थी। लेकिन Fujiyama Power Systems ने साफ कर दिया है कि उनके ऑपरेशन्स पर इसका कोई नेगेटिव असर नहीं होगा। रतलाम में बन रही 1.2 GW की फैसिलिटी अपने तय समय पर यानी Q1 FY 2027-28 में शुरू हो जाएगी।
मशीनरी का 'बैकअप' तैयार
कंपनी ने राहत भरी जानकारी देते हुए बताया कि इस प्लांट के लिए जितनी भी आवश्यक मशीनरी की जरूरत थी, वह पहले ही प्लांट साइट पर डिलीवर हो चुकी है। सोलर इंडस्ट्री में भारत की निर्भरता सप्लाई चेन पर काफी ज्यादा होती है, ऐसे में मशीनरी का पहले से उपलब्ध होना कंपनी के लिए एक बड़ा 'रिस्क मिटिगेशन' फैक्टर साबित हुआ है।
बिजनेस मॉडल पर फोकस
मैनेजमेंट के अनुसार, उनका मुख्य फोकस रिटेल रूफटॉप सोलर सेगमेंट पर है, जो लगातार विदेशी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर निर्भर नहीं है। यह 1.2 GW का प्लांट कंपनी के सोलर पैनल और सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस को मजबूती देने के लिए एक बैकवर्ड इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट की तरह है। फिलहाल कंपनी की इस प्रोजेक्ट के आगे सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता बढ़ाने की कोई योजना नहीं है, जिससे कैपिटल एक्सपेंडिचर पर भी स्पष्टता बनी हुई है।
