Fujiyama Power Systems: मुनाफे में **94.5%** का धमाकेदार उछाल, लेकिन इन बड़ी चुनौतियों ने बढ़ाई चिंता

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AuthorMehul Desai|Published at:
Fujiyama Power Systems: मुनाफे में **94.5%** का धमाकेदार उछाल, लेकिन इन बड़ी चुनौतियों ने बढ़ाई चिंता

लिस्टिंग के बाद अपने पहले ही फाइनेंशियल ईयर में Fujiyama Power Systems ने दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **72.3%** बढ़कर **₹26,545.1 मिलियन** और नेट प्रॉफिट **₹3,041.3 मिलियन** पहुंच गया है, हालांकि बावल प्लांट में आग और BIS की जांच जैसे रिस्क निवेशकों के लिए चिंता का सबब हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और ग्रोथ

Fujiyama Power Systems लिमिटेड ने अपने पहले फाइनेंशियल ईयर में मार्केट में अपनी धाक जमाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 94.5% की छलांग लगाकर ₹3,041.3 मिलियन पर पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी का रेवेन्यू भी 72.3% बढ़कर ₹26,545.1 मिलियन दर्ज किया गया है। कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है, जो अब 18.5% पर है। फिलहाल बोर्ड ने डिविडेंड देने के बजाय सारा फंड बिजनेस एक्सपेंशन में लगाने का फैसला किया है।

कैपेसिटी और भविष्य की रणनीति

कंपनी ने दादरी में 1 GW सोलर फैसिलिटी शुरू की है और रतलाम में 2 GW की नई क्षमता पर काम तेजी से चल रहा है। सप्लाई चेन पर नियंत्रण के लिए कंपनी ने Zayo Energy और Zayo Cables में 50% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। कंपनी ने अपने IPO से जुटाए ₹6,000 मिलियन में से ₹2,750 मिलियन का इस्तेमाल कर्ज घटाने और ₹1,800 मिलियन रतलाम प्लांट के लिए आवंटित किए हैं।

निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)

कंपनी की राह फिलहाल पूरी तरह आसान नहीं है। मई 2026 में बावल प्लांट में लगी आग के कारण कंपनी को ₹1,436 मिलियन का नुकसान झेलना पड़ा है। इसके अलावा, मार्च और अप्रैल 2026 में BIS की जांच के दौरान कंपनी का ₹43.5 मिलियन का माल जब्त किया गया है। इन रेगुलेटरी विवादों और इंश्योरेंस क्लेम की स्थिति पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.