Energy Development Company Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹0.24 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी पर **₹240.48 करोड़** का टैक्स बकाया है और ऑडिटर ने कंपनी के कामकाज पर प्रतिकूल राय (Adverse Opinion) जताई है।
बिगड़ती फाइनेंशियल स्थिति
कंपनी के हालिया नतीजों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स ₹46.25 करोड़ रहा है, जबकि कंपनी को ₹0.24 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। इसका सीधा असर कंपनी के ईपीएस (EPS) पर पड़ा है, जो -₹0.05 दर्ज किया गया है।
ऑडिटर का कड़ा रुख
स्टैच्युटरी ऑडिटर M/s ALPS & Co. ने कंपनी की बैलेंस शीट पर 'एडवर्स ओपिनियन' दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स में बड़ी कमियां हैं और सब्सिडियरी कंपनियों को दिए गए लोन की रिकवरी पर भी संशय बना हुआ है।
कानूनी और टैक्स का जाल
कंपनी फिलहाल ₹188.17 करोड़ के टैक्स डिमांड नोटिस से जूझ रही है, जो असेसमेंट ईयर 2011-12 से 2020-21 के बीच के हैं। ब्याज और पेनल्टी को जोड़ दें, तो यह कुल देनदारी ₹240.48 करोड़ तक पहुंच गई है। डेबिट और क्रेडिट बैलेंस का मिलान न हो पाना कंपनी के गवर्नेंस पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
आगे क्या?
EDCL का फोकस हाइड्रो-इलेक्ट्रिक एसेट्स जैसे 15 मेगावाट के 'करिक्कायाम' और 7 मेगावाट के 'उल्लुंकल' प्रोजेक्ट्स पर है। कंपनी की 31वीं सालाना आम बैठक (AGM) 26 सितंबर, 2026 को तय की गई है, जहां निवेशक इन गंभीर वित्तीय मुद्दों पर मैनेजमेंट से जवाब मांग सकते हैं।
