Dolphin Offshore Enterprises (India) Ltd ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹43.73 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹18.76 करोड़** रहा, लेकिन ऑडिटर्स की टिप्पणी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे में उछाल, लेकिन ऑडिटर्स की चेतावनी
Dolphin Offshore Enterprises ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कामकाज काफी मजबूत दिख रहा है, लेकिन ऑडिटर्स की रिपोर्ट में कुछ अहम बातें सामने आई हैं जिसे हर निवेशक को जानना चाहिए।
प्रमुख आंकड़े (Q2 FY27 Highlights)
- रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस: पिछले साल के ₹24.62 करोड़ से बढ़कर ₹43.73 करोड़ पर पहुंच गया है।
- नेट प्रॉफिट: कंपनी का मुनाफा ₹15.61 करोड़ से बढ़कर ₹18.76 करोड़ दर्ज किया गया है।
- टोटल कंसोलिडेटेड इनकम: ₹47.07 करोड़ रही।
क्यों बरतें सावधानी?
कंपनी के ऑडिटर्स M/s Mahendra N. Shah & Co. ने अपनी रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' जोड़ा है। इसके तहत ₹13.01 करोड़ का 'Expected Credit Loss' (ECL) प्रोविजन बनाया गया है। यह संकेत देता है कि कंपनी को अपने बकाया पैसे (trade receivables) वसूलने में मुश्किल आ रही है। अगर यह पैसा समय पर नहीं आता है, तो आने वाले समय में कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है।
अब आगे क्या?
कंपनी का कोर बिजनेस, यानी ऑयल और गैस ऑफशोर सपोर्ट सर्विसेज, अच्छा परफॉर्म कर रहा है। लेकिन निवेशकों को अब मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखनी होगी कि वे क्लाइंट्स से पेमेंट वसूली के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। ₹6.03 करोड़ का स्टैंडअलोन ECL प्रोविजन भी ध्यान देने वाली बात है।
