Craftsman Automation ने Solarcraft Power India 24 Private Limited में **₹3.36 करोड़** का निवेश करके **26%** हिस्सेदारी हासिल की है। इस कदम का मकसद अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए सोलर पावर का इंतजाम करना और सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को पूरा करना है।
₹3.36 करोड़ का ग्रीन एनर्जी में निवेश
Craftsman Automation Limited ने Solarcraft Power India 24 Private Limited में ₹3.36 करोड़ (यानी ₹336 लाख) का निवेश करने का ऐलान किया है। इस निवेश के जरिए कंपनी Solarcraft Power India 24 में 26% की हिस्सेदारी लेगी। कंपनी यह हिस्सेदारी शेयर और कंपलसरी कनवर्टिबल डिबेंचर (CCD) के जरिए लेगी, और यह निवेश एक या अधिक किश्तों में हो सकता है। यह डील किसी बाहरी पार्टी के साथ हुई है और इससे Solarcraft Power India 24 का कंट्रोल नहीं बदलेगा।
क्यों उठाया ये कदम?
इस निवेश का मुख्य कारण इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 के तहत 'कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट' की ज़रूरतों को पूरा करना है। Solarcraft के साथ एक पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के ज़रिए, Craftsman Automation अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए सोलर पावर की सप्लाई सुनिश्चित करेगी। इसका मकसद लंबे समय में एनर्जी की लागत को कम करना और कंपनी की सस्टेनेबिलिटी को बढ़ाना है। यह कंपनी की ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी के अनुरूप है, जो बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी पर ज़ोर देती है।
Solarcraft Power की कहानी
Solarcraft Power India 24 Private Limited की शुरुआत 6 जून, 2023 को हुई थी और फिलहाल यह राजस्थान में एक सोलर पावर प्रोजेक्ट डेवलप कर रही है। यह एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) है और पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर (FY2024, FY2025, FY2026) में इसका कोई टर्नओवर नहीं दिखाया गया है। यह इस बात का संकेत है कि यह कंपनी अभी शुरुआती दौर में है और सिर्फ प्रोजेक्ट पर ही फोकस कर रही है।
आगे क्या होगा?
जैसे ही यह ₹3.36 करोड़ का निवेश पूरा हो जाएगा, Craftsman Automation के पास एक ऐसे रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट में बड़ी हिस्सेदारी होगी जो उसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को पावर सप्लाई करेगा। उम्मीद है कि इस कदम से कंपनी की एनर्जी कॉस्ट में लंबी अवधि में कमी आएगी और सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। प्रोजेक्ट का समय पर पूरा होना इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगा।
ध्यान रखने वाली बातें
- प्रोजेक्ट में देरी का खतरा: सोलर पावर प्रोजेक्ट अभी डेवलपमेंट फेज में है। निवेशकों को 270 दिनों की समय-सीमा पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए ताकि किसी भी देरी से कंपनी को मिलने वाले फायदे पर असर न पड़े।
- ग्रीनफील्ड एग्जीक्यूशन का रिस्क: Solarcraft एक नई SPV है जिसका कोई पिछला ऑपरेशनल रिकॉर्ड नहीं है। इसका मतलब है कि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से नए सिरे से सफल एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगा, जिसमें कुछ जोखिम ज़रूर होते हैं।
इंडस्ट्री में क्या चल रहा है?
हालांकि, फाइलिंग में डायरेक्ट किसी पीयर कंपनी के कैप्टिव सोलर पावर प्रोजेक्ट में निवेश का जिक्र नहीं है, लेकिन भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रिन्यूएबल एनर्जी को अपनाने और कैप्टिव पावर जनरेशन का चलन बढ़ रहा है। यह लागत बचाने और सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को पूरा करने की वजह से हो रहा है।
मुख्य आंकड़े
- कुल निवेश: ₹3.36 करोड़
- हिस्सेदारी: 26%
- सोलर पावर क्षमता: 7.0 MWAC
- प्रोजेक्ट पूरा होने की समय-सीमा: घोषणा के 270 दिनों के अंदर
- टारगेट कंपनी की उम्र: 6 जून, 2023 को इनकॉर्पोरेटेड
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को Solarcraft Power India 24 प्रोजेक्ट की प्रगति पर नज़र रखनी चाहिए, खासकर 270 दिनों की अवधि में इसके कमीशनिंग को लेकर। Craftsman Automation की एनर्जी कॉस्ट और सस्टेनेबिलिटी टारगेट्स पर इसके लंबे समय के प्रभाव से पता चलेगा कि यह निवेश कितना सफल रहा।
