Continental Petroleums ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹82.46 करोड़** रहा है, हालांकि ऑपरेटिंग मार्जिन में **8.34%** का सुधार देखने को मिला है। कंपनी अपनी 40वीं AGM **29 सितंबर 2026** को आयोजित करेगी।
मुनाफे का गणित और प्रदर्शन
कंपनी ने चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच चुनिंदा बिजनेस ऑर्डर्स पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसका असर टॉप-लाइन पर दिखा है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹112.91 करोड़ से घटकर ₹82.46 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, कॉस्ट मैनेजमेंट और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस करने से ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर ₹7.06 करोड़ हो गया है, जिससे मार्जिन में 246 बेसिस पॉइंट्स यानी 8.34% का उछाल दर्ज किया गया है।
भविष्य की ग्रोथ रणनीति
Continental Petroleums ने अपनी ग्रोथ के लिए तीन मुख्य पिलर्स तैयार किए हैं:
- ब्रांडेड लुब्रिकेंट्स और स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स।
- सरकारी पावर EPC प्रोजेक्ट्स में भागीदारी।
- बेहरोड़ (Behror) फैसिलिटी में खतरनाक कचरा प्रबंधन सेवाओं (Hazardous waste management) का विस्तार।
मैनेजमेंट ने सालाना आधार पर 25% की रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।
गवर्नेंस और AGM की जानकारी
कंपनी ने SEBI (LODR) नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया है। कंपनी की 40वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 29 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इसके लिए ई-वोटिंग की कट-ऑफ तारीख 22 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। ऑडिटर्स की रिपोर्ट भी कंपनी के लिए सकारात्मक रही है, जिसमें किसी भी धोखाधड़ी का उल्लेख नहीं मिला है।
अब निवेशकों की नजर कंपनी के पावर EPC ऑर्डर बुक की गति और पर्यावरण सेवाओं के विस्तार पर टिकी रहेगी।
