Coal India Limited ने मानसून की बाधाओं से उबरते हुए अपने ऑपरेशन्स में जोरदार रिकवरी दिखाई है। कंपनी की सब्सिडियरी Northern Coalfields Limited का डेली प्रोडक्शन **67%** और रेक लोडिंग **116%** बढ़ गई है।
उत्पादन में शानदार रिकवरी
मानसून की वजह से जो काम धीमा पड़ गया था, उसमें अब तेजी आ गई है। 8 सितंबर 2026 तक कंपनी का डेली प्रोडक्शन 1.91 MT और डेली पावर डिस्पैच 1.74 MT के स्तर पर पहुंच गया है। Northern Coalfields Limited (NCL) के आंकड़ों पर नजर डालें तो वहां प्रोडक्शन में 67% और कोल सप्लाई में 75% का उछाल दर्ज किया गया है। वहीं, रेक लोडिंग की क्षमता भी 19 रेक प्रति दिन से बढ़कर 41 रेक प्रति दिन हो गई है।
पावर सेक्टर के लिए क्यों है जरूरी?
देश के ऊर्जा क्षेत्र की रीढ़ कही जाने वाली Coal India का 87% आउटपुट सीधे पावर प्लांट्स को भेजा जाता है, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बिजली की आपूर्ति करते हैं। मानसून के बाद थर्मल पावर स्टेशन्स पर कोयले की कमी न हो, इसके लिए यह प्रोडक्शन तेजी से बढ़ाना बेहद जरूरी था।
क्या कदम उठाए गए?
कंपनी ने माइन्स में भरे पानी को निकालने (dewatering) और खराब हुए रोड नेटवर्क को तुरंत ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया। इसके अलावा, रेलवे के साथ बेहतर तालमेल से रेक मूवमेंट में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है।
FY 2026-27 के मुख्य आंकड़े
चालू फाइनेंशियल ईयर में NCL का कुल प्रोडक्शन 51.43 मिलियन टन (MT) और कुल सप्लाई 55 MT दर्ज की गई है। कंपनी अब सितंबर के बचे हुए दिनों में भी इसी गति को बनाए रखने की कोशिश कर रही है ताकि साल भर का टारगेट आसानी से हासिल किया जा सके।
