Coal India Limited (CIL) ने उत्तर प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए U.P. Rajya Vidyut Utpadan Nigam Limited (UPRVUNL) के साथ एक जॉइंट वेंचर (JV) एग्रीमेंट साइन किया है। CIL की इस नई कंपनी में **51%** हिस्सेदारी होगी।
Coal India का रिन्यूएबल एनर्जी में कदम
सरकारी कोयला खनन कंपनी Coal India Limited (CIL) ने अब रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपनी पैठ बनाने की तैयारी कर ली है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) के साथ मिलकर एक जॉइंट वेंचर (JV) एग्रीमेंट साइन किया है। इस नई कंपनी का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश में विभिन्न तरह के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को विकसित करना होगा, जिनमें ग्राउंड-माउंटेड सोलर, फ्लोटिंग सोलर, पंप स्टोरेज और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
51% हिस्सेदारी के साथ CIL का कंट्रोल
इस जॉइंट वेंचर में Coal India Limited की 51% हिस्सेदारी होगी, जबकि UPRVUNL 49% की हिस्सेदारी रखेगा। इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट्स के संचालन और नियंत्रण में CIL की अहम भूमिका होगी। नई कंपनी की शुरुआती पेड-अप कैपिटल ₹0.1 करोड़ होगी, जबकि ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल ₹10 करोड़ तय की गई है।
रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बड़ा कदम
यह कदम Coal India के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कंपनी के पारंपरिक कोयला खनन व्यवसाय से हटकर रिन्यूएबल एनर्जी जैसे नए और भविष्य के क्षेत्रों में विस्तार को दर्शाता है। यह भारत के एनर्जी ट्रांज़िशन लक्ष्यों के अनुरूप भी है।
पांच साल का लॉक-इन और बोर्ड की संरचना
इस एग्रीमेंट के तहत, शेयरों के ट्रांसफर पर पांच साल का लॉक-इन पीरियड लागू होगा। नई कंपनी के बोर्ड में कुल 5 डायरेक्टर्स होंगे, जिनमें से 3 डायरेक्टर्स को CIL नॉमिनेट करेगा (जिनमें चेयरपर्सन भी शामिल होंगे) और 2 डायरेक्टर्स को UPRVUNL नॉमिनेट करेगा।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह JV Coal India के लिए एक बड़ा डाइवर्सिफिकेशन है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इन नए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को कितनी कुशलता से लागू करती है, खासकर पंप स्टोरेज और फ्लोटिंग सोलर जैसे अपेक्षाकृत नए क्षेत्रों में। कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ने की गति और पैमाने पर प्रदर्शन की बारीकी से निगरानी की जाएगी।
