Coal India Limited ने अपनी 52वीं AGM में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए **₹26.50** प्रति शेयर के डिविडेंड पर मुहर लगा दी है। कंपनी ने **₹31,071 करोड़** का नेट प्रॉफिट और **₹1,68,400 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और डिविडेंड
Coal India की 52वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजों को मंजूरी दी है। कंपनी ने कुल ₹26.50 प्रति शेयर का डिविडेंड तय किया है, जिसमें ₹5.25 का फाइनल डिविडेंड भी शामिल है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹31,071 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू का आंकड़ा ₹1,68,400 करोड़ तक पहुंचा।
क्यों खास हैं ये नतीजे?
मार्केट में कोयले की कीमतों में नरमी और बढ़े हुए डेप्रिसिएशन कॉस्ट के बावजूद कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत बनी हुई है। कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो 0.12 है, जो इसके फाइनेंशियल अनुशासन को दर्शाता है। कंपनी अब कोयले के कारोबार से हटकर ₹25,000 करोड़ के कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट और रिन्यूएबल एनर्जी में बड़े निवेश की तैयारी कर रही है।
वैल्यू अनलॉकिंग और भविष्य की राह
कंपनी अपनी सब्सिडियरी कंपनियों को लिस्ट कराकर वैल्यू अनलॉक करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। Bharat Coking Coal और CMPDI की लिस्टिंग के बाद, अब Mahanadi Coalfields और South Eastern Coalfields के IPO को भी सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी का लक्ष्य FY 2029-30 तक 9.5 GW क्षमता हासिल करना है।
गवर्नेंस पर नजर
फिलहाल बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की संख्या में थोड़ी कमी है, जिसे लेकर कंपनी मिनिस्ट्री ऑफ कोल के साथ मिलकर SEBI नियमों के तहत इसे जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। निवेशकों को अब BHEL के साथ कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट की रफ्तार और सब्सिडियरी IPOs पर नजर रखनी चाहिए।
