Citizen Solar ने FY26 के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹310.92 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹22.43 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, मैनेजमेंट में एक प्रक्रियात्मक चूक (Governance Oversight) भी सामने आई है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और ग्रोथ
कंपनी के लिए FY 2025-26 का साल काफी दमदार रहा है। जहां पिछले फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू ₹185.69 करोड़ था, वहीं इस बार यह उछलकर ₹310.92 करोड़ हो गया है। इसी तरह, कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹11.63 करोड़ से बढ़कर ₹22.43 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 6.27% से सुधरकर 7.22% हो गया है, जो बिजनेस में बेहतर एफिशिएंसी को दर्शाता है।
स्ट्रक्चरल बदलाव और मर्जर
इस शानदार उछाल के पीछे मुख्य वजह NCLT द्वारा मंजूर 'Solar Citizen Private Limited' का विलय है। कंपनी का नाम पहले 'Citizen Infoline Limited' हुआ करता था, जिसे बदलकर अब 'Citizen Solar' कर दिया गया है। कंपनी ने फिलहाल डिविडेंड न देने का फैसला लिया है ताकि वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
गवर्नेंस से जुड़ी चिंता
कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती भी है। Managing Director ओम्प्रकाश लालचंद जैन की दोबारा नियुक्ति को लेकर प्रक्रियात्मक चूक हुई है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी के लिए आने वाली 32वीं AGM में रखा जाएगा। कंपनी 21 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह बैठक करेगी।
