Century Enka एक पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत 9.9 MW के विंड-सोलर हाइब्रिड प्लांट से रिन्यूएबल एनर्जी खरीदेगी। यह बिजली कंपनी की पुणे स्थित भोसरी यूनिट में इस्तेमाल होगी, जिसका मकसद एनर्जी की लागत को कम करना है।
Century Enka प्लांट लगाएगी
Century Enka Limited ने हाल ही में एक पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन किया है। इसके तहत कंपनी 9.9 MW का विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्लांट स्थापित करेगी। यह प्लांट पूरी तरह से कंपनी की अपनी जरूरत के लिए होगा, यानी यहां बनने वाली बिजली का इस्तेमाल सीधे Century Enka अपने ऑपरेशंस में करेगी।
लागत कम करने पर फोकस
इस कदम का मुख्य उद्देश्य Century Enka की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए एनर्जी की लागत को ऑप्टिमाइज़ करना और रिन्यूएबल एनर्जी की सप्लाई सुनिश्चित करना है। इस तरह के कैप्टिव कंजम्पशन मॉडल से कंपनी बाहरी ग्रिड पर अपनी निर्भरता कम कर सकेगी और साथ ही ऑपरेशनल खर्चों में भी कटौती की उम्मीद है।
इंडस्ट्री ट्रेंड के साथ Century Enka
यह एग्रीमेंट इंडस्ट्री में बढ़ते उस ट्रेंड का हिस्सा है जहां कंपनियां अपनी बिजली की जरूरतें पूरी करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश कर रही हैं। Century Enka का यह कदम एनर्जी के मामले में सेल्फ-सफिशिएंट (self-sufficient) बनने की दिशा में एक अहम पड़ाव है।
कब तक शुरू होगा प्लांट?
कंपनी अब 9.9 MW के इस हाइब्रिड पावर प्लांट को लगाने का काम शुरू करेगी। उम्मीद है कि यह प्लांट 30 जून, 2026 तक चालू हो जाएगा। कंपनी को इसके लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय (grace period) भी मिलेगा।
निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बातें
इन्वेस्टर्स के लिए यह जरूरी है कि वे प्लांट के समय पर चालू होने पर नज़र रखें। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करना होगा कि Century Enka पावर प्रोड्यूसर में कम से कम 26% इक्विटी बनाए रखे, ताकि कैप्टिव कंजम्पशन के फायदे मिल सकें। किसी भी तरह की देरी या रेगुलेटरी बदलाव से कंपनी की लागत बचत पर असर पड़ सकता है।
