Borosil Renewables ने अपना फ्यूचर रोडमैप जारी किया है, जिसके तहत कंपनी Q1 FY28 तक अपनी सोलर ग्लास कैपेसिटी को बढ़ाकर **1,600 TPD** करने की योजना बना रही है। इस विस्तार से कंपनी का सालाना टर्नओवर **₹2,500 करोड़** तक पहुंचने का अनुमान है।
मेगा विस्तार का प्लान
कंपनी अभी अपने SG-4 और SG-5 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिससे 600 TPD की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी। इस कैपेसिटी के अप्रैल-जून 2027 (Q1 FY28) में शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी की कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 1,600 TPD हो जाएगी, जो लगभग 10.5 GW सोलर ग्लास की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगी।
क्यों है यह बड़ी खबर?
भारत में सोलर ग्लास की डिमांड और सप्लाई में भारी अंतर है। FY26 में देश में डिमांड 11,000 TPD के आसपास थी, जिसके मुकाबले घरेलू सप्लाई काफी कम है। सरकार की ओर से लागू किए गए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (QCO) और मलेशिया से होने वाले इम्पोर्ट पर ड्यूटी का फायदा कंपनी को मिल रहा है।
नया बिजनेस सेगमेंट
Borosil अब सिर्फ ग्लास मेकर नहीं, बल्कि एक कम्प्लीट सोलर सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनने की राह पर है। कंपनी 'एसेट-लाइट' मॉडल के तहत रूफटॉप सोलर बिजनेस शुरू कर रही है। इसमें ब्रांडेड पैनल्स, इनवर्टर और बैटरी स्टोरेज सिस्टम बेचे जाएंगे। इससे कंपनी रेजिडेंशियल और कमर्शियल मार्केट में अपनी पकड़ और मजबूत करेगी।
फाइनेंशियल सेहत पर नजर
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति काफी मजबूत है। FY26 में इसका ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 30.5% रहा है। FY19-26 के बीच कंपनी ने 32.3% रेवेन्यू CAGR और 45.5% ऑपरेटिंग EBITDA CAGR दर्ज किया है। कंपनी इंटरनल अक्रूअल्स से ही अपना एक्सपेंशन फंड कर रही है और खुद को 'नेट कैश पॉजिटिव' बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
