Bondada Engineering: एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में बड़ी एंट्री, नई सब्सिडियरी बनाकर किया बड़ा ऐलान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Bondada Engineering: एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में बड़ी एंट्री, नई सब्सिडियरी बनाकर किया बड़ा ऐलान

Bondada Engineering ने एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी 'Bondada Hindupur BESS Project Private Limited' बनाई है। कंपनी AP Transco के लिए **225 MW / 450 MWh** का बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट एग्जीक्यूट करेगी।

बड़ा निवेश और नई शुरुआत

Bondada Engineering Limited ने अपने नए प्रोजेक्ट के लिए Bondada Hindupur BESS Project Private Limited (BHBPL) नाम से एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) तैयार किया है। कंपनी ने इसमें ₹10 लाख की शुरुआती इक्विटी शेयर कैपिटल का निवेश किया है और यह इसकी 100% मालिक बनी रहेगी।

क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

यह प्रोजेक्ट AP Transco की ओर से 'बिल्ड-ओन-ऑपरेट' (BOO) मॉडल के तहत दिया गया है। 225 MW / 450 MWh की क्षमता के साथ, यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह कदम कंपनी को पारंपरिक इंफ्रास्ट्रक्चर से हटाकर यूटिलिटी-स्केल रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में मजबूती से खड़ा कर रहा है।

लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की रणनीति

BOO मॉडल को चुनकर कंपनी ने न केवल अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाई है, बल्कि भविष्य में लॉन्ग-टर्म रिकरिंग रेवेन्यू के रास्ते भी खोल लिए हैं। मैनेजमेंट अपनी मौजूदा इंजीनियरिंग काबिलियत का इस्तेमाल ग्रिड बैलेंसिंग और पीक-लोड मैनेजमेंट जैसे हाई-वैल्यू कामों में करने की तैयारी कर रहा है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

हालांकि यह एक बड़ी घोषणा है, लेकिन बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन रिस्क हमेशा बना रहता है। निवेशकों को कंपनी के कर्ज के स्तर, कैश फ्लो और प्रोजेक्ट की समय सीमा (Timeline) पर पैनी नजर रखने की जरूरत होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.