Bharat Petroleum Corporation (BPCL) ने सितंबर तिमाही के लिए **₹4,863.05 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। शानदार रिकवरी के बावजूद, कंपनी अब रेगुलेटरी जांच के घेरे में है क्योंकि ऑडिटर्स ने बोर्ड में जरूरी स्वतंत्र निदेशकों और ऑडिट कमिटी की कमी जैसे गंभीर नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा किया है।
मुनाफे में जोरदार रिकवरी
BPCL ने सितंबर तिमाही में शानदार वापसी की है। कंपनी ने ₹4,863.05 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि जून तिमाही में कंपनी को ₹1,872.70 करोड़ का नुकसान हुआ था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹1,57,817.93 करोड़ दर्ज किया गया है।
गवर्नेंस पर 'रेड फ्लैग'
वित्तीय मोर्चे पर मजबूती के बीच ऑडिटर्स की 'लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट' ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में कंपनी पर Companies Act, 2013 के कई नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है:
- स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की जरूरी संख्या का अभाव।
- अनिवार्य 'ऑडिट कमिटी' का गठन न करना।
- महिला निदेशक की नियुक्ति न होना।
मोजाम्बिक प्रोजेक्ट का असर
कंपनी ने अपने विदेशी एसेट्स को रीस्ट्रक्चर किया है। इसके तहत मोजाम्बिक एरिया 1 प्रोजेक्ट के ₹7,804.75 करोड़ के एसेट्स को 'कैपिटल वर्क इन प्रोग्रेस' से हटाकर 'इन्वेस्टमेंट इन इक्विटी-अकाउंटेड इन्वेस्टीज' के तौर पर रीक्लासिफाई किया गया है।
ऑपरेशनल अपडेट्स
- Refinery Throughput: H1 FY27 में बढ़कर 20.56 MMT हो गया, जो पिछले साल 20.24 MMT था।
- Domestic Sales: पिछले साल के 26.25 MMT के मुकाबले इस बार 27.09 MMT रही।
- Forex Loss: विदेशी मुद्रा के नुकसान को कम करने में सफलता मिली है, जो घटकर ₹51.64 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹541.74 करोड़ था।
हालांकि ऑडिटर्स ने कहा है कि ये कमियां वित्तीय नतीजों को प्रभावित नहीं करतीं, लेकिन SEBI के नियमों का पालन न करना एक बड़ा रेगुलेटरी रिस्क बना हुआ है जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
