Bharat Coking Coal Ltd (BCCL) ने जमीन धंसने की घटना के बाद अपनी New Akashkinaree Colliery (NAKC) में माइनिंग और ब्लास्टिंग का काम रोक दिया है। यह कदम DGMS और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के बाद उठाया गया है।
भारत कोकिंग कोल की New Akashkinaree Colliery में ऑपरेशंस पर रोक
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने गोविंदपुर एरिया स्थित अपनी New Akashkinaree Colliery (NAKC) में नियंत्रित डीप-होल ब्लास्टिंग और माइनिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (DGMS) और धनबाद के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (District Disaster Management Authority) द्वारा जारी निर्देशों के बाद लिया गया है।
क्या हुआ?
DGMS ने 17 अगस्त, 2026 को नियंत्रित डीप-होल ब्लास्टिंग की अनुमति वापस ले ली है और कहा है कि कंपनी को नया लिखित सहमति मिलने तक यह काम फिर से शुरू नहीं किया जा सकता। वहीं, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 14 अगस्त, 2026 को एक वैज्ञानिक अध्ययन के बाद इलाके को सुरक्षित घोषित किए जाने तक सभी ऑपरेशंस को तुरंत रोकने का आदेश दिया है।
क्यों है यह अहम?
इस निलंबन का सीधा असर NAKC में उत्पादन लक्ष्य और परिचालन पर पड़ेगा। कब तक यह रोक जारी रहेगी और कब तक नियामक मंजूरी मिलेगी, इसको लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
घटना की पृष्ठभूमि
यह निलंबन NAKC के पास छत्रबाद (Chhatabad) में जमीन धंसने की घटना के कारण हुआ है। यह घटना पुराने भूमिगत माइनिंग क्षेत्रों के ऊपर हुई थी। BCCL ने पुष्टि की है कि प्रभावित जमीन कंपनी के स्वामित्व वाली है।
आगे क्या?
BCCL नियामक आदेशों का पालन कर रहा है और सुरक्षा का आकलन करने के लिए तकनीकी अध्ययन (technical study) कर रहा है। कंपनी ऑपरेशंस फिर से शुरू करने के लिए नई मंजूरी लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह सुरक्षा क्लीयरेंस मिलने पर निर्भर करेगा।
जोखिम
सबसे बड़ा जोखिम निलंबन की अवधि है। तकनीकी अध्ययन, नियामक समीक्षा और अनुमतियों को फिर से देने की समय-सीमा फिलहाल अज्ञात है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को BCCL द्वारा किए जा रहे तकनीकी अध्ययन की प्रगति और NAKC में ऑपरेशंस फिर से शुरू करने के लिए नई नियामक अनुमतियाँ प्राप्त करने के कंपनी के प्रयासों पर नज़र रखनी चाहिए।
