BPCL ने अपने आंध्र प्रदेश स्थित प्रस्तावित ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के लिए एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly Owned Subsidiary) बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए **₹4,900 करोड़** की अधिकृत पूंजी को बोर्ड की मंजूरी मिल गई है।
बड़े प्रोजेक्ट की नई नींव
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने अपने मेगा प्रोजेक्ट को गति देने के लिए एक बड़ा कॉर्पोरेट कदम उठाया है। कंपनी ने आंध्र प्रदेश के रामयपट्टनम में प्रस्तावित रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के लिए एक समर्पित 'व्हीकल' तैयार करने की योजना बनाई है। बोर्ड ने इस नई सहायक कंपनी के लिए ₹4,900 करोड़ की अधिकृत पूंजी (Authorized Capital) को हरी झंडी दे दी है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस तरह की संरचना बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में बेहद फायदेमंद होती है। एक अलग सब्सिडियरी बनाने से न केवल प्रोजेक्ट का मैनेजमेंट आसान होता है, बल्कि फंडिंग जुटाना और रणनीतिक साझेदारों (Strategic Partners) के साथ तालमेल बिठाना भी सरल हो जाता है। इससे मुख्य कंपनी BPCL की बैलेंस शीट पर सीधा दबाव नहीं पड़ता और प्रोजेक्ट को एक स्वतंत्र कानूनी पहचान मिलती है।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल यह प्रोजेक्ट प्लानिंग के चरण में है। कंपनी के अनुसार, रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल फैसिलिटी के लिए विस्तृत फिजिबिलिटी रिपोर्ट (Feasibility Report) अभी फाइनल की जा रही है। अब तक कोई अंतिम निवेश निर्णय (FID) नहीं लिया गया है; ये कदम रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद ही उठाए जाएंगे।
निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से सहायक कंपनी के औपचारिक गठन और फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आने का इंतजार करना चाहिए। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि कंपनी इस प्रोजेक्ट के लिए किस तरह का पार्टनरशिप मॉडल चुनती है और निवेश की समयसीमा क्या होगी।
