Avishkar Infra Realty Ltd अब रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में दांव लगाने जा रही है। 30 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में कंपनी सोलर डिजाइन और EPC बिजनेस में उतरने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगेगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट पिछले साल के **₹435.77 लाख** से घटकर केवल **₹75.52 लाख** रह गया है।
मुनाफे में सुस्ती और नई राह
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में भारी गिरावट दर्ज की है। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का मुनाफा गिरकर ₹0.75 करोड़ रह गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹4.36 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड लेवल पर कंपनी को ₹2.35 करोड़ का नुकसान हुआ है। कंपनी अब अपने कोर बिजनेस से हटकर सोलर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में नई संभावना तलाश रही है।
AGM और मैनेजमेंट का प्लान
कंपनी अपनी 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित करेगी। इसमें मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव करने के लिए एक स्पेशल रेजोल्यूशन पेश किया जाएगा। इसके तहत कंपनी रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और EPC सर्विसेज में काम शुरू करना चाहती है।
कानूनी विवाद और गवर्नेंस चुनौतियां
कंपनी फिलहाल कुछ विवादों से भी घिरी है। BSE को प्रक्रियात्मक चूक के लिए कंपनी ने ₹94,400 का जुर्माना भरा है, हालांकि इसके माफी के लिए आवेदन अभी पेंडिंग है। इसके अलावा, मुंबई हाई कोर्ट में Lodha Co-operative Housing Society Ltd से जुड़े फ्लैट्स की मेंबरशिप को लेकर एक कानूनी विवाद भी चल रहा है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
सोलर सेक्टर में एंट्री करना कंपनी के लिए एक बड़ा बदलाव है, लेकिन इसमें एग्जीक्यूशन रिस्क बहुत ज्यादा है। कंसोलिडेटेड घाटा यह दर्शाता है कि सब्सिडियरी सेगमेंट फिलहाल काफी कैपिटल-इंटेंसिव है। इस साल कंपनी ने किसी भी डिविडेंड का ऐलान नहीं किया है, इसलिए निवेशकों को नई स्ट्रैटेजी और पार्टनरशिप्स पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
