Avenique Limited बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। कंपनी ने नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) की नियुक्ति की है। साथ ही, कंपनी अपने पुराने फोकस से हटकर ग्रीन एनर्जी सेक्टर की ओर अपना रुख कर रही है, जिसका लक्ष्य रिन्यूएबल फ्यूल का उत्पादन और व्यापार करना है।
Avenique Limited का मैनेजमेंट बदला, ग्रीन एनर्जी में बड़ी छलांग
दो बड़े पदों पर नियुक्ति: एमडी और सीएफओ बदले गए। श्री रवि कुमार पटेल नए एमडी बने, श्री पुर्विक्कुमार भगवानभाई पटेल बने एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीएफओ।
क्या हुआ?
Avenique Limited ने मैनेजमेंट और गवर्नेंस में बड़े फेरबदल का ऐलान किया है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीएफओ ने 15 जुलाई 2026 से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके तुरंत बाद, रवि कुमार पटेल को नए मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर तीन साल के लिए नियुक्त किया गया है। वहीं, पुर्विक्कुमार भगवानभाई पटेल को एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) बनाया गया है।
कंपनी ने अपनी बिजनेस स्ट्रैटेजी में भी बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में संशोधन को मंजूरी दे दी है ताकि वह पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी सेक्टर पर ध्यान केंद्रित कर सके। इसमें कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), बायो-CNG, बायो-LNG, हाइड्रोजन, बायोडीजल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे रिन्यूएबल फ्यूल का निर्माण और व्यापार शामिल है। साथ ही, कंपनी बायोगैस और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स भी स्थापित करेगी।
इसके अलावा, कंपनी के मौजूदा ऑडिटर, D D Shah Patel & Co. ने भी इस्तीफा दे दिया है। अब M/s. J M Patel & Bros. को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से 2030-31 तक, यानी अगले पांच सालों के लिए नया स्टेटुटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है। हालांकि, यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
कंपनी की 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 10 अगस्त 2026 को होगी, जहां इन सभी बदलावों पर वोटिंग की जाएगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
ये बदलाव Avenique Limited के लिए एक बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत देते हैं। ग्रीन एनर्जी की ओर यह कदम दुनिया भर के सस्टेनेबिलिटी ट्रेंड्स के अनुरूप है और कंपनी के लिए विकास के नए रास्ते खोल सकता है। एक नई लीडरशिप टीम का गठन इस महत्वाकांक्षी बदलाव को लागू करने के लिए बहुत जरूरी है। ऑडिटर का बदलना भी एक अहम पहलू है जिस पर नजर रहेगी।
क्या बदल रहा है?
अब कंपनी का मुख्य फोकस रिन्यूएबल फ्यूल और वेस्ट-टू-एनर्जी सॉल्यूशंस पर होगा। नई मैनेजमेंट टीम इस नए वर्टिकल के लिए रणनीति बनाने और उसे लागू करने के लिए जिम्मेदार होगी। कंपनी अपने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन से 'कॉमन सील' के संदर्भों को हटाकर कॉर्पोरेट गवर्नेंस को भी आधुनिक बना रही है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों को 10 अगस्त 2026 को होने वाली AGM के नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी की ओर से ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स से संबंधित भविष्य की घोषणाओं पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। नई मैनेजमेंट टीम अपनी रणनीति को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती है, यह कंपनी के भविष्य के लिए अहम होगा।
