Asian Energy Services ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **70%** बढ़कर **₹791.1 करोड़** के पार पहुंच गया है, साथ ही कंपनी **₹51.84 करोड़** का मुनाफा दर्ज करने में सफल रही है।
मुनाफे और ग्रोथ का गणित
कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में शानदार प्रदर्शन किया है। अधिग्रहण (Acquisition) से जुड़ी लागत और अन्य खर्चों के बावजूद कंपनी ने ₹51.84 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। इतना ही नहीं, शेयरधारकों के लिए बोर्ड ने ₹1.25 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है, जिस पर सितंबर 2026 की AGM में अंतिम मुहर लगेगी।
बड़े बदलाव और इंटरनेशनल विस्तार
कंपनी अब सिर्फ एक घरेलू सर्विस प्रोवाइडर नहीं रही। UAE की Kuiper Group को $9.25 मिलियन में खरीदने के बाद कंपनी ने मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया में अपने पैर पसार लिए हैं। इसके अलावा, Oilmax Energy के साथ प्रस्तावित मर्जर से कंपनी एक बड़े 'एनर्जी पावरहाउस' के रूप में उभरने की तैयारी में है।
ऑर्डर बुक और ऑपरेशंस
कंपनी के पास वर्तमान में ₹1,750 करोड़ का भारी-भरकम ऑर्डर बुक है, जिसमें 68% योगदान ऑयल एंड गैस सर्विस और 32% मिनरल सर्विस का है। Vedanta Limited के साथ फील्ड मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट और Mahanadi Coalfields Limited के प्रोजेक्ट ने कंपनी के ऑपरेशंस को मजबूती दी है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
कंपनी ने ऑडिटर के तौर पर SGCO & Co. LLP को नियुक्त किया है। भविष्य में Indrora ब्लॉक से प्रोडक्शन बढ़ाना और अधिग्रहण की गई कंपनियों के साथ बेहतर तालमेल बिठाना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती और ग्रोथ का मुख्य ट्रिगर होगा।
