Aegis Vopak Terminals: लिक्विड बिज़नेस में 31% की ताबड़तोड़ ग्रोथ! Q1 FY27 में रेवेन्यू ₹233.8 Cr पार

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Aegis Vopak Terminals: लिक्विड बिज़नेस में 31% की ताबड़तोड़ ग्रोथ! Q1 FY27 में रेवेन्यू ₹233.8 Cr पार

Aegis Vopak Terminals ने Q1 FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर **12.4%** बढ़कर **₹233.8 करोड़** हो गया, जिसका मुख्य कारण लिक्विड टर्मिनलिंग में **31%** की भारी उछाल है। कंपनी ने **$5 बिलियन** के बड़े कैपेक्स (Capex) प्लान का भी ऐलान किया है।

Aegis Vopak Terminals के Q1 FY27 के नतीजे

Aegis Vopak Terminals Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 12.4% बढ़कर ₹233.8 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग EBITDA में 15.6% की जोरदार तेजी देखी गई और यह ₹179.4 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 76.7% के मजबूत स्तर पर बना हुआ है। वहीं, कैश प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹124.9 करोड़ दर्ज किया गया।

लिक्विड टर्मिनलिंग में तूफानी तेजी, गैस सेगमेंट में हल्की गिरावट

कंपनी की इस ग्रोथ के पीछे मुख्य वजह लिक्विड टर्मिनलिंग बिजनेस का शानदार प्रदर्शन रहा। इस सेगमेंट से रेवेन्यू में सालाना आधार पर 31% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹126.5 करोड़ रहा, जो कुल रेवेन्यू का 54.1% है। दूसरी ओर, गैस टर्मिनलिंग रेवेन्यू में 3.5% की मामूली गिरावट आई और यह ₹107.2 करोड़ रहा, जो कुल रेवेन्यू का 45.9% हिस्सा है।

$5 अरब का बड़ा कैपेक्स प्लान, भविष्य की तैयारी

कंपनी मैनेजमेंट भविष्य को देखते हुए बड़ा दांव खेल रहा है। 2030-31 तक $5 अरब (लगभग ₹40,000 करोड़) का बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें JNPA और कोच्चि में क्षमता विस्तार के साथ-साथ पिपावाव और मैंगलोर में नई डेवलपमेंट शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य वॉल्यूम को सालाना कम से कम 25% बढ़ाना और अपने स्टोरेज नेटवर्क को और मजबूत करना है। इस बड़े कैपेक्स के लिए फंड की व्यवस्था डेट (Debt) और इक्विटी (Equity) के मिश्रण से की जाएगी, जिसमें 2028 तक इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) को 25% तक रखने की योजना है।

ध्यान देने योग्य जोखिम

हालांकि, कंपनी के लिए कुछ चुनौतियां भी हैं। गैस टर्मिनलिंग सेगमेंट से रेवेन्यू में आ रही गिरावट पर नजर रखनी होगी। $5 अरब के इस बड़े कैपेक्स प्रोजेक्ट को अलग-अलग जगहों पर लागू करने में लॉजिस्टिक्स (Logistics) और रेगुलेटरी (Regulatory) चुनौतियां आ सकती हैं। इसके अलावा, फंड जुटाने की रणनीति, जिसमें इक्विटी डाइल्यूशन और डेट मैनेजमेंट शामिल है, को भी सावधानी से लागू करना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.