Advait Energy Transitions ने हासिल की 12 साल की BESS डील
150 MW / 300 MWh
12 साल
निवेशकों के लिए खास: 12 साल की लंबी अवधि की डील से कंपनी को लगातार कमाई का भरोसा मिलेगा। साथ ही VGF सपोर्ट से प्रोजेक्ट में निवेश का जोखिम कम होगा। हालांकि, प्रोजेक्ट का समय पर पूरा होना अहम होगा।
क्या हुआ?
Advait Energy Transitions Limited की सहायक कंपनी Advait BESS Bhesaan Private Limited ने गुजरातUrja Vikas Nigam Limited (GUVNL) के साथ एक बैटरी एनर्जी स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट (BESPA) किया है। यह समझौता 150 MW क्षमता और 300 MWh एनर्जी स्टोरेज वाले एक स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के लिए है।
यह क्यों अहम है?
यह डील Advait Energy Transitions के लिए एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में एक बड़ी छलांग है। 12 साल का कॉन्ट्रैक्ट कंपनी को लंबे समय तक रेवेन्यू की गारंटी देता है। इसके अलावा, पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड (PSDF) के जरिए मिलने वाला Viability Gap Funding (VGF) प्रोजेक्ट के आर्थिक पहलुओं को मजबूत करेगा और बड़े कैपिटल इन्वेस्टमेंट के जोखिम को कम करेगा।
डील की कहानी
यह प्रोजेक्ट GUVNL के फेज-VIII के तहत हुए कॉम्पिटिटिव टैरिफ-बेस्ड बिडिंग प्रोसेस में हासिल किया गया था। यह एग्रीमेंट 1 जून, 2026 को निष्पादित हुआ। BESS प्रोजेक्ट गुजरात में GETCO के 220kV Bhesan AIS S/S के पास स्थापित किया जाएगा।
अब आगे क्या?
कंपनी अब इस 150 MW / 300 MWh BESS फैसिलिटी के डेवलपमेंट, ओनरशिप और ऑपरेशन पर ध्यान केंद्रित करेगी। VGF सपोर्ट से शुरुआती कैपिटल खर्च का बोझ कम होने की उम्मीद है।
जोखिम क्या हैं?
हालांकि VGF से कैपिटल इन्वेस्टमेंट का जोखिम कम हुआ है, लेकिन मुख्य जोखिम प्रोजेक्ट को समय-सीमा और बजट के भीतर कुशलतापूर्वक पूरा करने और शुरू करने में है। लंबे समय तक रेवेन्यू का फायदा उठाने के लिए प्रोजेक्ट का ऑपरेशनल परफॉरमेंस बेहतरीन होना जरूरी है।
इंडस्ट्री में क्या हो रहा है?
भारत के पावर सेक्टर में एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स, खासकर BESS, का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। कंपनियां रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स को सपोर्ट करने के लिए ऐसे प्रोजेक्ट्स में सक्रिय रूप से बोली लगा रही हैं। GUVNL एक प्रमुख सरकारी पावर कंपनी है जो स्टोरेज सॉल्यूशंस की खरीद कर रही है।
जरूरी आंकड़े
- प्रोजेक्ट कैपेसिटी: 150 MW
- एनर्जी कैपेसिटी: 300 MWh
- कॉन्ट्रैक्ट की अवधि: 12 साल
- एग्रीमेंट की तारीख: 1 जून, 2026
आगे क्या देखें?
निवेशकों को प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन की प्रगति, कमीशनिंग की टाइमलाइन और आने वाली तिमाहियों में Advait Energy Transitions के फाइनेंशियल परफॉरमेंस और कर्ज के स्तर पर पड़ने वाले असर पर नजर रखनी चाहिए। BESPA की शर्तों का पालन करना भी महत्वपूर्ण होगा।
