Advait Energy Transitions के नतीजे उम्मीदों से बेहतर रहे हैं। कंपनी ने सितंबर तिमाही में **88.4%** की छलांग के साथ **₹19.18 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, साथ ही ऑपरेशंस को मजबूत करने के लिए अहम रणनीतिक फैसले लिए हैं।
दमदार वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी की ग्रोथ स्टोरी बेहद शानदार रही है। Q2 FY2027 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 40.8% बढ़कर ₹220.94 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹156.87 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट करीब दोगुना होकर ₹19.18 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹10.18 करोड़ था।
नई नियुक्तियाँ और मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी
नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने मैनेजमेंट को भी मजबूती दी है। इंडस्ट्री के अनुभवी दिग्गज विमल किशोर यादव को नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त किया गया है। विमल यादव के पास EESL में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है, जिससे कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
सब्सिडियरी पर फोकस
कंपनी ने अपनी दो प्रमुख सब्सिडियरी कंपनियों—Advait Unified Renewable Assets (AURA) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 90% और Advait Greenergy Private Limited (AGPL) में 79.65% कर दी है। इसके अलावा, बोर्ड ने 1,515 ESOPs के ग्रांट को भी मंजूरी दी है, ताकि प्रमुख कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जा सके।
निवेशकों के लिए राय
भले ही कंपनी की ग्रोथ रफ्तार तेज है, लेकिन निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे नया मैनेजमेंट इन सब्सिडियरी कंपनियों को मुख्य बिजनेस के साथ तालमेल बिठाकर मार्जिन को बरकरार रखता है।
