Advait Energy Transitions ने अब बिजली वितरण के क्षेत्र में कदम रख दिया है। कंपनी 'Eleven Power Private Limited' के साथ एक कंसोर्टियम का हिस्सा बन गई है, जिसे हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिलों के लिए HERC से बिजली वितरण का लाइसेंस मिला है।
अब बिजली वितरण में भी Advait Energy
Advait Energy Transitions Ltd (जिसे पहले Advait Infratech के नाम से जाना जाता था) ने बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे बढ़कर अब डिस्ट्रीब्यूशन के काम में अपनी जगह बनाई है। हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) ने एक कंसोर्टियम को गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण का लाइसेंस दिया है, जिसमें Advait Energy एक अहम पार्टनर है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में अपने रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस का इस्तेमाल करेगी।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
यह कदम कंपनी के बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब तक कंपनी मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इक्विपमेंट सप्लाई करती थी, लेकिन अब यह सीधे ऑपरेशनल भूमिका में आ गई है। कंपनी का उद्देश्य आधुनिक पावर ग्रिड और डीकार्बोनाइजेशन के लक्ष्य को हासिल करना है।
मैनेजमेंट की क्या है राय?
कंपनी के फाउंडर और एमडी Shalin Sheth ने इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उनका मानना है कि भारत के तेजी से बदलते पावर सेक्टर में यह कंपनी को बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस को तैनात करने का एक शानदार मौका देगा।
निवेशकों के लिए जरूरी रिस्क
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि डिस्ट्रीब्यूशन का काम काफी जटिल होता है, खासकर गुरुग्राम जैसे घनी आबादी वाले जिलों में। कंपनी को रेगुलेटरी नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। अब मार्केट की नजरें इस पर होंगी कि कंपनी इस प्रोजेक्ट से कितना रेवेन्यू जुटा पाती है और ऑपरेशनल चुनौतियों को कैसे मैनेज करती है।
