Advait Energy Transitions ने H1 FY27 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **45%** बढ़कर **₹400 करोड़** और नेट प्रॉफिट **78%** उछलकर **₹34 करोड़** पर पहुंच गया है।
शानदार नतीजे और मार्जिन में सुधार
कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट्स काफी मजबूत रहे हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1 FY27) में ₹400 करोड़ के रेवेन्यू के साथ कंपनी ने शानदार ग्रोथ दिखाई है। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 11% से बढ़कर 14.5% पर पहुंच गया है, जो ऑपरेशनल दक्षता को दर्शाता है।
नई रणनीति की ओर कदम
Advait Energy Transitions अब EPC मॉडल से हटकर पूरी तरह से मैन्युफैक्चरिंग-बेस्ड कंपनी बनने की राह पर है। कंपनी की ऑर्डर बुक 47% बढ़कर ₹1,575 करोड़ हो गई है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 सालों में सालाना रेवेन्यू को ₹5,000 करोड़ तक ले जाना है।
ऑपरेशनल अपडेट्स
कंपनी अपने नए वर्टिकल्स को तेजी से स्केल कर रही है:
- BESS फैसिलिटी: 2.5 GWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम फैसिलिटी Q4 FY27 तक शुरू हो जाएगी।
- Gangad फैसिलिटी: इस प्लांट का पहला फेज भी चौथी तिमाही तक चालू होने की उम्मीद है।
- ग्रीन हाइड्रोजन: कंपनी 30 MW की इलेक्ट्रोलाइजर असेंबली लाइन के जरिए पायलट प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
रिस्क फैक्टर और चिंताएं
तेजी से विस्तार के कारण कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ा है। डेब्ट-टू-इक्विटी रेशियो मार्च 2026 के 0.42x से बढ़कर 0.86x हो गया है। हालांकि मैनेजमेंट का मानना है कि नए प्लांट्स से कैश फ्लो आने के बाद यह 0.5x से 0.7x के बीच स्थिर हो जाएगा, लेकिन निवेशकों को कच्चे माल की बढ़ती कीमतों (Raw Material Inflation) पर नजर रखनी होगी, जो मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
