Advait Energy की सब्सिडियरी ABEPL ने दिग्गज बैटरी मेकर HiTHIUM के साथ एक बड़ा एग्रीमेंट साइन किया है। इस डील के तहत कंपनी **1 GWh** के LFP बैटरी सेल्स खरीदेगी, जो गुजरात में बन रहे **2.5 GWh** के BESS मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए एक बड़ा बूस्ट है।
सप्लाई चेन हुई मजबूत
Advait Energy Transitions की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Advait Battery Ecosystems Private Limited (ABEPL) ने ग्लोबल दिग्गज HiTHIUM के साथ मास्टर सप्लाई एग्रीमेंट (MSA) फाइनल कर लिया है। इस समझौते के तहत अगले 12 महीनों में 1 GWh क्षमता की 314 Ah वाली लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) प्रिज्मेटिक सेल्स की सप्लाई सुनिश्चित की गई है।
यह कदम गुजरात के गंगाड में स्थापित हो रहे कंपनी के 2.5 GWh सेल-टू-कंटेनर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) असेंबली प्लांट के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
क्यों है यह खबर अहम?
कंपनी ने अभी तक के अपने काम को प्रोजेक्ट-लेवल से उठाकर वॉल्यूम-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग की ओर मोड़ दिया है। HiTHIUM जैसे BloombergNEF टियर-1 सप्लायर के साथ जुड़ने से प्रोक्योरमेंट (procurement) में होने वाली अस्थिरता कम होगी। इससे Advait को भारतीय एनर्जी स्टोरेज मार्केट में बड़े पैमाने पर एंट्री करने में मदद मिलेगी।
कंपनी की पिछली तैयारी
सप्लायर से जुड़ी इस डील से पहले, कंपनी ने अपनी टेक्निकल क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए Adaptive Engineering के साथ भी हाथ मिलाया था, जो SCADA और एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम जैसे पहलुओं पर काम कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
प्रोजेक्ट्स से मैन्युफैक्चरिंग में स्विच करना आसान नहीं होता, इसमें निष्पादन (execution) का रिस्क बना रहता है। निवेशकों को अब गंगाड प्लांट के कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की तारीखों और कंपनी की डिलीवरी कॉस्ट पर बारीक नजर रखनी चाहिए।
