Adani Power के दूसरी तिमाही के नतीजे बेहद शानदार रहे हैं। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर नेट प्रॉफिट में **141.5%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹7,019.32 करोड़** तक पहुंच गया है।
मुनाफे की रफ्तार और रेवेन्यू
Adani Power ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹19,438.68 करोड़ रहा, जिसमें पावर सेल्स में 11.5% की वृद्धि का बड़ा हाथ रहा। कंपनी की बिजली बिक्री 26.4 बिलियन यूनिट्स (BU) के आंकड़े को पार कर गई है।
रेटिंग अपग्रेड और विस्तार
इस शानदार परफॉर्मेंस का इनाम कंपनी को क्रेडिट रेटिंग के रूप में मिला है। CARE और India Ratings ने कंपनी की रेटिंग को अपग्रेड करके AA+ कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपना दायरा बढ़ाते हुए GVK Energy के अधिग्रहण के साथ उत्तराखंड में 330 MW का हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है। साथ ही, भूटान में 770 MW का एक नया जॉइंट वेंचर भी पाइपलाइन में है।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि सब कुछ पॉजिटिव नहीं है। हरियाणा डिस्कॉम्स के साथ चल रहे विवाद के चलते कंपनी ने ₹1,971.96 करोड़ का रेवेन्यू 'डि-रिकॉग्नाइज' (derecognition) किया है, जो एक बड़ा आंकड़ा है। निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट और APTEL से कंपनी के पक्ष में फैसले आए हैं, लेकिन कानूनी और रेगुलेटरी विवाद कंपनी के लिए समय-समय पर चिंता का विषय बने रहते हैं।
आगे की राह
अब निवेशकों की नजर कंपनी के 1,320 MW कोरबा फेज-II और 1,600 MW महान फेज-II प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग टाइमलाइन पर रहेगी। इसके अलावा, Druk Green Power Corp के साथ भूटान प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस भी कंपनी के भविष्य के लिए अहम साबित होगी।
