Adani Power की कमाई में रिकॉर्ड उछाल! Q1 FY27 में ₹4,867 करोड़ मुनाफा, ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

ENERGY
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Adani Power की कमाई में रिकॉर्ड उछाल! Q1 FY27 में ₹4,867 करोड़ मुनाफा, ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Adani Power ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹4,866.60 करोड़** हो गया है। साथ ही, कंपनी ने **₹15,000 करोड़** तक फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है और कर्ज सीमा भी बढ़ाई है, जो कंपनी की आक्रामक विस्तार योजनाओं का संकेत देता है।

Detailed Coverage

Adani Power ने Q1 FY27 में दर्ज किया रिकॉर्ड मुनाफा, बड़ी फंड जुटाने की मंजूरी

Adani Power ने फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4,866.60 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹3,305.13 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹18,901.89 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹14,109.15 करोड़ था।

कंपनी की बड़ी योजनाएं

कंपनी ने ₹15,000 करोड़ तक की राशि जुटाने की योजना को भी मंजूरी दी है। यह फंड Qualified Institutions Placement (QIP) या अन्य तरीकों से जुटाया जा सकता है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी उधार सीमा को ₹75,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,00,000 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम कंपनी की विस्तार और अधिग्रहण योजनाओं को गति देने के लिए उठाया जा रहा है।

उत्पादन और क्षमता में वृद्धि

Q1 FY27 में Adani Power का रिकॉर्ड पावर जेनरेशन 31 बिलियन यूनिट (BU) रहा, जो कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही उत्पादन है। कंपनी ने 28.8 BU बिजली की सप्लाई भी की। कंपनी की इंस्टॉल्ड क्षमता बढ़कर 18,330 MW हो गई है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 17,550 MW थी। कंपनी ने हाल ही में Jaiprakash Associates Limited से कुछ अधिग्रहण भी पूरे किए हैं।

आगे क्या?

शेयरहोल्डर्स 14 अगस्त, 2026 को होने वाली एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में फंड जुटाने और उधार सीमा बढ़ाने के प्रस्तावों पर वोट करेंगे। इस मंजूरी के बाद कंपनी ग्रोथ पहलों के लिए पूंजी जुटा सकेगी और वित्तीय लचीलापन बढ़ेगा।

ध्यान रखने योग्य बातें

कंपनी को कुछ नियामक विवादों और मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें MSEDCL के साथ टैरिफ और कोयला लागत की वसूली से संबंधित मामले शामिल हैं। हालांकि मैनेजमेंट को सकारात्मक समाधान की उम्मीद है, लेकिन इन मामलों में न्यायिक जोखिम बने हुए हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.