Adani Green Energy ने H1 FY27 में दमदार परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी का EBITDA **41%** बढ़कर **₹7,957 करोड़** हो गया है, साथ ही ऑपरेशनल कैपेसिटी ने **20.8 GW** का आंकड़ा पार कर लिया है।
शानदार नतीजों की इनसाइड स्टोरी
Adani Green Energy ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में शानदार रफ्तार दिखाई है। कंपनी के पावर सप्लाई से होने वाले रेवेन्यू में 36% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹8,299 करोड़ तक पहुंच गया है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का EBITDA बढ़कर ₹7,957 करोड़ हो गया है।
बैटरी स्टोरेज का दम
कंपनी ने अपनी कैपेसिटी को 20.8 GW तक पहुँचा दिया है। इस ग्रोथ में 'खावड़ा' (Khavda) प्रोजेक्ट का बड़ा हाथ है, जहाँ अकेले इस तिमाही में 3 GWh की बैटरी स्टोरेज क्षमता शुरू की गई है, जिससे कुल स्टोरेज क्षमता 6.6 GWh हो गई है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर के अंत तक इसे 10 GWh तक ले जाना है।
रिस्क और स्थिरता
हालांकि ग्रिड ट्रांसमिशन में कुछ चुनौतियां हैं, लेकिन कंपनी ने इसे 'डीम्ड जेनरेशन' (deemed generation) क्लॉज के जरिए सुरक्षित रखा है। मैनेजमेंट के अनुसार, उनके 72% प्रोजेक्ट लोन फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट पर हैं, जिससे औसत ब्याज लागत 8.9% के स्तर पर स्थिर बनी हुई है।
आने वाले महीनों में चितिरावथी में 500 MW के पंप हाइड्रो प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद है, जो कंपनी के पोर्टफोलियो को और मजबूती देगा।
