Adani Energy Solutions ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट जारी की है। कंपनी ने QIP के जरिए जुटाए गए **₹3,500 करोड़** में से **₹2,657.59 करोड़** का इस्तेमाल कैपेक्स और कर्ज चुकाने में किया है।
फंड का पूरा ब्योरा
Adani Energy Solutions Limited ने CARE Ratings Limited द्वारा जारी अपनी नवीनतम मॉनिटरिंग रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने QIP के जरिए जुटाए गए कुल ₹3,499.99 करोड़ में से करीब 76% राशि अब तक खर्च कर दी है। अभी भी कंपनी के पास ₹842.40 करोड़ की राशि बची हुई है।
पारदर्शिता पर जोर
निवेशकों के लिए सबसे राहत की बात यह है कि मॉनिटरिंग एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि फंड के इस्तेमाल में कोई भी विचलन (deviation) नहीं पाया गया है। यानी, जिस उद्देश्य के लिए पैसा जुटाया गया था, उसी में इसका निवेश किया गया है। कंपनी ने मुख्य रूप से कर्ज चुकाने (debt repayment) और अपनी सब्सिडियरी के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) पर पैसा खर्च किया है।
कहां गया बाकी पैसा?
कंपनी ने इस तिमाही में कर्ज कम करने पर जोर देते हुए ₹1,272.07 करोड़ का भुगतान किया है। वहीं, बची हुई ₹842.40 करोड़ की राशि को सुरक्षित लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स में रखा गया है। इसमें ₹794.33 करोड़ का निवेश विभिन्न म्यूचुअल फंड्स (जैसे Kotak, TATA, Nippon India, और Aditya Birla Sun Life) में किया गया है, जबकि शेष राशि बैंक डिपॉजिट्स में है।
छोटी प्रशासनिक टिप्पणी
CARE Ratings ने बताया कि हालांकि फंड का इस्तेमाल सही जगह हुआ है, लेकिन कुछ पेमेंट शुरुआत में सामान्य करंट अकाउंट्स के जरिए किए गए थे, न कि डेजिग्नेटेड मॉनिटरिंग अकाउंट से। हालांकि, मैनेजमेंट और चार्टर्ड अकाउंटेंट के सर्टिफिकेशन के बाद एजेंसी ने पुष्टि की है कि इसमें किसी भी प्रकार का फंड का दुरुपयोग नहीं हुआ है।
