ACME Solar की सहायक कंपनी ने SECI के साथ किया 300 MW हाइब्रिड PPA साइन, ₹3.25/यूनिट तय हुई दर

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AuthorAditya Rao|Published at:
ACME Solar की सहायक कंपनी ने SECI के साथ किया 300 MW हाइब्रिड PPA साइन, ₹3.25/यूनिट तय हुई दर

ACME Solar की सहायक कंपनी ACME Renewtech Fifth ने SECI के साथ 300 MW विंड-सोलर हाइब्रिड PPA पर हस्ताक्षर किए हैं। ₹3.25 प्रति यूनिट की दर से यह प्रोजेक्ट 30 जून 2028 तक सप्लाई शुरू कर देगा, जिससे ACME के कॉन्ट्रैक्टेड पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी होगी।

Detailed Coverage

ACME Solar ने 300 MW हाइब्रिड PPA के साथ बढ़ाया रिन्यूएबल पोर्टफोलियो

ACME Solar की सब्सिडियरी ने SECI के साथ 300 MW हाइब्रिड PPA साइन किया है, जिस पर ₹3.25 प्रति यूनिट की दर तय हुई है।

क्या हुआ?

ACME Solar Holdings Ltd ने अपनी सहायक कंपनी ACME Renewtech Fifth Private Limited के ज़रिए 300 MW विंड-सोलर हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए एक पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) एग्जीक्यूट किया है। यह एग्रीमेंट Solar Energy Corporation of India Limited (SECI) के साथ हुआ है और इसमें 25 साल के लिए प्रति यूनिट ₹3.25 का टैरिफ तय किया गया है। सप्लाई शुरू होने की अनुमानित तारीख (Scheduled Commencement of Supply Date - SCSD) 30 जून 2028 है।

क्यों है ये अहम?

यह PPA एग्जीक्यूशन ACME Solar के लिए एक पॉजिटिव कदम है। यह कंपनी के कॉन्ट्रैक्टेड पोर्टफोलियो को सिक्योर रेवेन्यू स्ट्रीम में बदलने की दिशा में प्रगति की पुष्टि करता है। लंबे समय के लिए फिक्स्ड टैरिफ से कंपनी को रेवेन्यू की विज़िबिलिटी मिलती है। यह कंपनी के कुल कॉन्ट्रैक्टेड पोर्टफोलियो में जुड़ता है, जो अब 8,070 MW है, जिसमें से 6,870 MW के PPA साइन हो चुके हैं।

कहानी की पृष्ठभूमि

ACME Solar Holdings रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में सक्रिय है और सोलर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है। कंपनी लंबे समय से अपने प्रोजेक्ट पाइपलाइन का निर्माण कर रही है और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और रेवेन्यू स्टेबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए PPA सिक्योर कर रही है। यह डेवलपमेंट ग्रीन एनर्जी स्पेस में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कंपनी की स्ट्रैटेजी के अनुरूप है।

अब क्या बदलेगा?

इस PPA के एग्जीक्यूशन से ACME Solar की PPA-साइंड कैपेसिटी में एक और 300 MW जुड़ गया है। इससे कंपनी अपने ऑपरेशनल टारगेट्स के करीब पहुंच गई है और भारत के रिन्यूएबल एनर्जी लैंडस्केप में एक महत्वपूर्ण प्लेयर के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत की है। अब फोकस इस प्रोजेक्ट के समय पर एग्जीक्यूशन और मौजूदा पाइपलाइन पर रहेगा।

ध्यान देने योग्य जोखिम

इस प्रोजेक्ट से जुड़ा मुख्य जोखिम 30 जून 2028 की SCSD का पालन करना है। कंस्ट्रक्शन और एग्जीक्यूशन में देरी प्रोजेक्ट के कमीशनिंग को प्रभावित कर सकती है। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन से जुड़े स्टैंडर्ड रिस्क भी लागू होते हैं।

प्रतिस्पर्धियों से तुलना

ACME Solar एक कॉम्पिटिटिव रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में काम कर रही है। Tata Power Solar, Adani Green Energy और ReNew Power जैसी कई भारतीय कंपनियां भी इसी तरह के PPA के ज़रिए अपनी रिन्यूएबल कैपेसिटी बढ़ा रही हैं। ₹3.25 प्रति यूनिट का टैरिफ हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स के लिए मौजूदा मार्केट में कॉम्पिटिटिव है।

कॉन्टेक्स्ट मेट्रिक्स (समय-आधारित)

21 जुलाई 2026 तक, ACME Solar का कुल कॉन्ट्रैक्टेड पोर्टफोलियो 8,070 MW है। इसमें से 6,870 MW के PPA साइन हो चुके हैं, 3,880 MW कंस्ट्रक्शन के अधीन हैं, और 2,990 MW ऑपरेशनल हैं।

आगे क्या देखें

इन्वेस्टर्स को 3,880 MW के अंडर-कंस्ट्रक्शन पोर्टफोलियो की कंस्ट्रक्शन प्रोग्रेस पर नज़र रखनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नया 300 MW प्रोजेक्ट 2028 की कमीशनिंग के लिए ट्रैक पर रहे। ओवरऑल ऑपरेशनल कैपेसिटी और भविष्य के PPA साइनिंग्स पर अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.