Refex Industries: कानूनी जीत! GST विवाद में **₹29 करोड़** का भारी-भरकम टैक्स डिमांड हुआ खारिज

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AuthorMehul Desai|Published at:
Refex Industries: कानूनी जीत! GST विवाद में **₹29 करोड़** का भारी-भरकम टैक्स डिमांड हुआ खारिज

Refex Industries को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। अपीलीय अथॉरिटी ने कंपनी पर लगे **₹29.32 करोड़** के टैक्स और पेनल्टी डिमांड को रद्द कर दिया है, जिससे कंपनी को **₹5.87 करोड़** के रिफंड का रास्ता साफ हो गया है।

कानूनी राहत की डिटेल्स

कंपनी के लिए यह मामला भोपाल स्थित कमिश्नर (Appeals), CGST और सेंट्रल एक्साइज से जुड़ा है। अथॉरिटी ने 13 अक्टूबर, 2026 के अपने आदेश में ₹29.32 करोड़ के उस टैक्स, ब्याज और पेनल्टी को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसे 27 मार्च, 2025 को मूल आदेश (Order-in-Original) के जरिए लागू किया गया था।

रिफंड और बैलेंस शीट पर असर

इस फैसले का सीधा फायदा कंपनी की लिक्विडिटी पर पड़ेगा। चूँकि कंपनी ने पहले विरोध के बावजूद ₹5.87 करोड़ की राशि जमा की थी, अब वह इस राशि को रिफंड या री-क्रेडिट के रूप में वापस पाने की हकदार है। यह कदम कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने में मदद करेगा।

विवाद की जड़ और आगे का रास्ता

यह पूरा मामला DGGI, रायपुर ज़ोनल यूनिट द्वारा शुरू किया गया था, जिसमें अप्रैल 2018 से मार्च 2021 के बीच कोल और ऐश हैंडलिंग सेवाओं से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की वैधता पर सवाल उठाए गए थे। हालांकि, अपीलीय अथॉरिटी ने पाया कि विभाग के आरोप सबूतों के आधार पर टिक नहीं पाए।

निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

निवेशकों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि यह फैसला कंपनी के पक्ष में है, लेकिन सरकारी विभाग के पास GSTAT (GST Appellate Tribunal) में अपील करने का विकल्प अभी खुला है। CGST एक्ट की धारा 112 के तहत विभाग एक निश्चित समय सीमा में इस फैसले को चुनौती दे सकता है। अब निवेशकों की नजरें कंपनी द्वारा रिफंड पाने की प्रक्रिया और विभाग के अगले कदम पर टिकी होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.