भारतीय शेयर बाज़ार हफ्ते के आखिर में गिरे, पर Core Industries में 5% की ग्रोथ, FIIs ने ₹224 Cr लगाए

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AuthorNeha Patil|Published at:
भारतीय शेयर बाज़ार हफ्ते के आखिर में गिरे, पर Core Industries में 5% की ग्रोथ, FIIs ने ₹224 Cr लगाए

वैश्विक तनाव और बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाज़ार इस हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, कोर इंडस्ट्रीज की ग्रोथ जून में बढ़कर 5.0% हो गई और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाज़ार में खरीदारी की।

Detailed Coverage

वैश्विक तनाव के बीच भारतीय बाज़ारों में नरमी

Nifty Index Close: 23,767.5 अंक
Sensex Index Close: 76,059.8 अंक

मुख्य बात: भू-राजनीतिक तनाव ने सूचकांकों पर दबाव डाला; घरेलू कोर सेक्टर की ग्रोथ से मिली कुछ राहत।

क्या हुआ

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स इस हफ्ते नरमी के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,767.5 पर और सेंसेक्स 76,059.8 पर बंद हुआ। इस गिरावट का मुख्य कारण मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों का $100/बैरल के पार जाना रहा। इन बाहरी दबावों के बावजूद, व्यापक बाज़ारों ने मजबूती दिखाई।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

बाज़ार की दिशा फिलहाल वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों और घरेलू आर्थिक संकेतकों से तय हो रही है। बाहरी दबावों के बीच, कोर इंडस्ट्री ग्रोथ और DIIs का मजबूत निवेश जैसे घरेलू आंकड़े एक महत्वपूर्ण सहारा दे रहे हैं।

पृष्ठभूमि

जून 2026 में भारत के कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (ICI) में सालाना आधार पर 5.0% की वृद्धि दर्ज की गई, जो मई के 3.2% ग्रोथ से तेज है। यह प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में लगातार मोमेंटम को दर्शाता है। साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹224.6 करोड़ का शुद्ध निवेश किया, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹8,637.6 करोड़ के साथ बड़ी खरीदारी की।

अब क्या बदलेगा

प्रमुख सूचकांकों में रेजिस्टेंस और सपोर्ट लेवल की पहचान के साथ, निवेशक अब आगामी कॉर्पोरेट नतीजों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। 27-31 जुलाई के बीच 350 से अधिक कंपनियां अपने नतीजे पेश करेंगी, जो सेक्टर-विशिष्ट गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती हैं।

जोखिम

मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ना और कच्चे तेल की कीमतों पर इसका असर एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। व्यापार नीति की अनिश्चितताएं और वैश्विक बाज़ारों में उतार-चढ़ाव भी चुनौतियां पेश कर सकते हैं।

आगे क्या देखें

निवेशकों को आगामी नतीजों, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों की चाल और संस्थागत निवेशकों की टिप्पणियों पर नज़र रखनी चाहिए। निफ्टी के लिए 23,650–23,600 (सपोर्ट) और 23,950–24,000 (रेजिस्टेंस) जैसे तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.