बाज़ार में उथल-पुथल, RBI के नए अनुमानों का असर
भारतीय बाज़ार में इन दिनों मिला-जुला माहौल देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाज़ारों की बिकवाली और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की नई पॉलिसी अपडेट्स का असर बाज़ार पर दिख रहा है। RBI ने अपनी हालिया घोषणा में प्रमुख ब्याज दरों को स्थिर रखा है, लेकिन FY27 के लिए अपने अनुमानों में बदलाव किया है। अब RBI का अनुमान है कि FY27 में GDP ग्रोथ 6.6% रहेगी, जो पहले 6.9% थी। साथ ही, CPI महंगाई का अनुमान 5.1% रखा गया है। 5 जून 2026 को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹8,776.3 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹9,133.6 करोड़ की खरीदारी की।
इंफ्रा सेक्टर में दिखी मजबूती
आर्थिक दृष्टिकोण पर RBI के अनुमानों के बावजूद, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अच्छी रौनक दिख रही है। HG Infra Engineering को ₹4,971 करोड़ का एक बड़ा आर्डर मिला है, जबकि KNR Constructions को ₹3,361 करोड़ का आर्डर हाथ लगा है। इसके अलावा, Creative Newtech को BSNL से ₹3,195 करोड़ का आर्डर मिला है और EMS को UP Jal Nigam से ₹103 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है। ये बड़े आर्डर्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की मजबूत मांग को बताते हैं।
आगे क्या?
निवेशक अब HG Infra और KNR Constructions जैसी कंपनियों के इन आर्डरों के असर पर बारीकी से नज़र रखेंगे। GDP ग्रोथ के अनुमान में यह कमी बाज़ार की उम्मीदों को थोड़ा धीमा कर सकती है, लेकिन इंफ्रा सेक्टर की यह मजबूती शेयरों के प्रदर्शन में अंतर पैदा कर सकती है। Gujarat Themis Biosyn और ASM Technologies जैसी कंपनियों द्वारा फंड जुटाना भी लिक्विडिटी को प्रभावित कर रहा है।
जोखिमों पर भी नज़र
भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाज़ार के संकेत भारतीय बाज़ारों के लिए जोखिम बने हुए हैं। GDP ग्रोथ में यह मामूली कमी भी चिंता का विषय है। वहीं, Nesco द्वारा एक्सप्रेस-वे साइट्स को सरेंडर करने जैसे ऑपरेशनल मुद्दे कुछ प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन से जुड़े जोखिमों को दर्शाते हैं।
