Zydus Wellness ने इस तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड नेट सेल्स (Net Sales) में **66.7%** का जबरदस्त इजाफा दर्ज किया है, जो **₹1,429.9 करोड़** रहा। वहीं, EBITDA में भी **55.3%** की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट (Net Profit) में **7%** की गिरावट आई, लेकिन एडजस्टेड नेट प्रॉफिट (Adjusted Net Profit) **26.5%** बढ़ा है।
Zydus Wellness के नतीजों का पूरा पोस्टमार्टम
Zydus Wellness ने अपने तिमाही नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड नेट सेल्स (Consolidated Net Sales) में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 66.7% की भारी बढ़ोतरी हुई है और यह ₹1,429.9 करोड़ पर पहुंच गई है। वहीं, कंपनी के EBITDA में भी 55.3% का शानदार उछाल देखने को मिला है, जो ₹241.7 करोड़ रहा।
मुनाफा घटा, पर क्यों?
ऑपरेशनल ग्रोथ शानदार रहने के बावजूद, रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट (Reported Net Profit) में 7% की गिरावट आई है। यह गिरावट अधिग्रहण (Acquisition) के चलते ब्रांड्स के अमॉर्टाइजेशन (Amortization) के कारण है। लेकिन, अगर इस अमॉर्टाइजेशन को हटा दें, तो एडजस्टेड नेट प्रॉफिट (Adjusted Net Profit) में 26.5% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई है।
घरेलू और विदेशी बाज़ारों का हाल
कंपनी का इंटरनेशनल बिज़नेस, जिसमें Comfort Click पोर्टफोलियो भी शामिल है, 24.8% की ग्रोथ के साथ शानदार प्रदर्शन कर रहा है। वहीं, डोमेस्टिक बिज़नेस (Domestic Business) में 4.6% की ग्रोथ देखी गई है। स्किन और हेयर केयर (Skin and Hair Care) सेगमेंट 34.5% बढ़ा है, जबकि फूड एंड न्यूट्रिशन (Food & Nutrition) सेगमेंट में 16% की ग्रोथ आई है। हालांकि, मौसमी ब्रांड्स (Seasonal Brands) में 12% की गिरावट दर्ज की गई है।
आगे क्या उम्मीद करें?
यह मजबूत टॉप-लाइन ग्रोथ Zydus Wellness के प्रोडक्ट्स की ज़बरदस्त डिमांड को दर्शाती है, खासकर इंटरनेशनल मार्केट्स और स्किनकेयर जैसी कैटेगरी में। एडजस्टेड नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी बताती है कि कंपनी का कोर बिज़नेस अच्छा कैश फ्लो जेनरेट कर रहा है। निवेशकों की नज़र अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी मौसमी ब्रांड्स पर अपनी निर्भरता कैसे कम करती है और फिक्स्ड कॉस्ट्स को कैसे मैनेज करती है। Complan Power Play और Max Protein जैसे नए प्रोडक्ट्स के लॉन्च से रेवेन्यू को डायवर्सिफाई करने की कोशिशें ज़ाहिर हैं।
जोखिम के पहलू
सबसे बड़ा कंसर्न मौसमी ब्रांड्स जैसे Nycil पर मौसम का असर है, जैसा कि बेमौसम बारिश के कारण 12% की गिरावट से पता चलता है। साथ ही, सालाना ₹80-85 करोड़ का इंटरेस्ट और डेप्रिसिएशन (Interest and Depreciation) जैसी फिक्स्ड कॉस्ट्स भी मार्जिन पर दबाव बना सकती हैं।
