Zee Learn ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **18%** बढ़कर **₹439.06 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट **₹38.53 करोड़** दर्ज किया गया। इसके अलावा, कंपनी ने Liberium Global Resources में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है।
मुनाफे की रफ्तार और बिजनेस अपडेट
Zee Learn के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी हलचल भरा रहा। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹371.94 करोड़ से बढ़कर ₹439.06 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में बड़ी छलांग देखने को मिली है, जो पिछले साल के ₹12.72 करोड़ से बढ़कर ₹38.53 करोड़ हो गया। इस मुनाफे में मुख्य योगदान क्रेडिट फैसिलिटी राइट-बैक का रहा है।
कंपनी ने अपनी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट रणनीति के तहत Liberium Global Resources Private Limited में अपनी 100% हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है। इस पूरे मामले पर अंतिम मंजूरी के लिए आगामी 25 सितंबर 2026 को AGM बुलाई गई है।
निवेशकों के लिए जरूरी चेतावनी
हालांकि कंपनी के आंकड़े आकर्षक दिख रहे हैं, लेकिन ऑडिटर्स की टिप्पणी निवेशकों के लिए चिंता का सबब बन सकती है। ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग-कंसर्न' (Going-concern) बने रहने पर अनिश्चितता जताई है। रिपोर्ट में कॉरपोरेट गारंटी और फाइनेंशियल एसेट्स के इंपेयरमेंट असेसमेंट को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
बैकस्टोरी और भविष्य की राह
पिछले साल दिसंबर 2025 में कंपनी अपनी सब्सिडियरी Digital Ventures Private Limited (DVPL) के खिलाफ चल रहे कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से बाहर निकलने में सफल रही थी। फिलहाल कंपनी 2,500 से ज्यादा प्री-स्कूल और 128 से अधिक K-12 स्कूलों के नेटवर्क के साथ अपना एसेट-लाइट मॉडल चला रही है, जिसमें 2.40 लाख से ज्यादा छात्र जुड़े हैं। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने ऊपर लगे ऑडिटर्स के सवालों को कैसे सुलझाती है।
