क्यों गिरी कंपनी की कमाई?
कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू (Revenue from operations) में साल-दर-साल आधार पर 16.27% की कमी आई है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में यह ₹46.27 करोड़ था, जो FY26 में घटकर ₹38.74 करोड़ रह गया। नेट प्रॉफिट में इससे भी बड़ी गिरावट देखी गई, जो 43.61% लुढ़ककर ₹3.31 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹5.87 करोड़ था।
ऑडिटर की 'Going Concern' चेतावनी
वित्तीय नतीजों के साथ ही एक बड़ी चिंता भी सामने आई है। कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (statutory auditors) ने अपनी रिपोर्ट में 'Going Concern' को लेकर 'Material Uncertainty' यानी 'महत्वपूर्ण अनिश्चितता' का जिक्र किया है। इसका सीधा मतलब है कि ऑडिटर को कंपनी की भविष्य में संचालन जारी रखने की क्षमता पर संदेह है।
आखिर क्या है माजरा?
हालांकि कंपनी की नेट वर्थ पॉजिटिव हो गई है, लेकिन पिछले सालों के जमा हुए नुकसान (accumulated losses) और वर्तमान ऑर्डर की स्थिति जैसे फैक्टर्स ऑडिटर की चिंता का कारण बने हुए हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि प्रमोटर्स कंपनी को वित्तीय सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कंपनी के पास पर्याप्त संसाधन हैं।
किस सेगमेंट से आई गिरावट?
सेगमेंट परफॉर्मेंस की बात करें तो, क्लीनिंग प्रोडक्ट्स (Cleaning Products) का रेवेन्यू ₹16.77 करोड़ से बढ़कर ₹17.15 करोड़ हो गया। वहीं, कीटनाशक उत्पाद (Insecticide Products) का रेवेन्यू ₹3.72 करोड़ से बढ़कर ₹5.13 करोड़ हुआ। लेकिन, वेयरहाउसिंग स्टोरेज (Warehousing Storage) सेगमेंट, जो FY25 में सबसे बड़ा रेवेन्यू देने वाला सेगमेंट था, उसमें भारी गिरावट आई है। इसका रेवेन्यू ₹25.77 करोड़ से गिरकर ₹16.46 करोड़ पर आ गया, जिसने कुल आंकड़ों पर असर डाला।
आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी की उन रणनीतियों पर कड़ी नजर रखनी होगी जो रेवेन्यू और प्रॉफिट में आई गिरावट को रोकने में मदद कर सकती हैं। प्रमोटर्स का समर्थन और मैनेजमेंट की योजनाएं लिक्विडिटी बनाए रखने और 'going concern' से जुड़ी अनिश्चितता को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
