व्हर्लपूल ऑफ इंडिया (Whirlpool of India) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू जहां **1.4%** बढ़कर **₹8,233.39 करोड़** रहा, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) में **18.6%** की गिरावट आई है और यह **₹295.3 करोड़** पर आ गया है। कंपनी ने प्रमोटर की हिस्सेदारी कम की और नए लाइसेंसिंग एग्रीमेंट भी किए हैं।
Whirlpool of India के FY26 नतीजे
व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹8,233.39 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 1.4% ज्यादा है। हालांकि, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 18.6% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹295.3 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹362.78 करोड़ था।
निवेशकों के लिए अहम बातें
यह नतीजे व्हर्लपूल ऑफ इंडिया के लिए मिले-जुले प्रदर्शन को दर्शाते हैं। रेवेन्यू में बढ़त बाजार में कंपनी की मौजूदगी दिखाती है, लेकिन मुनाफे में आई कमी लागतों और चुनौतीपूर्ण बाजार का दबाव साफ दर्शाती है। प्रमोटर की हिस्सेदारी में कमी और नए लाइसेंसिंग सौदे कंपनी की भविष्य की दिशा और परिचालन स्वतंत्रता को आकार देंगे।
बैकग्राउंड
वित्त वर्ष 2025-26 में मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल काफी चुनौतीपूर्ण रहा। गर्मी का मौसम उम्मीद से कम रहने से पहली छमाही में एप्लायंसेज की मांग पर असर पड़ा। इसके अलावा, लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कीमतों के दबाव ने भी प्रदर्शन को प्रभावित किया। कंपनी ने नई वेतन संहिता नियमों के लिए ₹38.8 करोड़ का एकमुश्त प्रोविजन किया और एनर्जी ट्रांजिशन रेगुलेशन के कारण उत्पाद लागत में वृद्धि हुई।
अब क्या बदलेगा?
व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन ने अपनी हिस्सेदारी 51% से घटाकर 39.76% कर ली है, जिससे व्हर्लपूल ऑफ इंडिया अब व्हर्लपूल मॉरीशस लिमिटेड की सब्सिडियरी नहीं रही। कंपनी ने व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन के साथ 30 साल के ब्रांड और टेक्नोलॉजी लाइसेंस एग्रीमेंट करके अपने रणनीतिक भविष्य को भी सुरक्षित किया है। एलिका इंडिया (Elica India) के पूर्ण स्वामित्व से किचन एप्लायंसेज सेगमेंट में और तालमेल बढ़ने की उम्मीद है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
निवेशकों को एनर्जी ट्रांजिशन और ई-वेस्ट प्रोविजन से जुड़ी बढ़ती उत्पाद लागतों को मैनेज करने में कंपनी की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में लगातार प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण का दबाव एक प्रमुख जोखिम बना हुआ है।
पियर कंपैरिजन
मैनेजमेंट का कहना है कि व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने एक कठिन इंडस्ट्री माहौल के बावजूद मार्केट शेयर और ग्रोथ बनाए रखने में कई इंडस्ट्री के साथियों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
अहम मेट्रिक्स (समय-आधारित)
- FY 2025-26 के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹8,233.39 करोड़ (+1.4% YoY)।
- FY 2025-26 के लिए कंसोलिडेटेड PAT: ₹295.3 करोड़ (-18.6% YoY)।
- प्रमोटर की हिस्सेदारी नवंबर 2025 में 51% से घटकर 39.76% हुई।
- नए 30-साल के ब्रांड और टेक्नोलॉजी लाइसेंस एग्रीमेंट लागू हुए।
- मार्च 2026 में एलिका इंडिया में शेष 3.18% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया।
- ₹5 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की गई।
आगे क्या देखें
भविष्य का प्रदर्शन कंपनी की चार रणनीतिक पहलों के कार्यान्वयन और नियामक परिवर्तनों व बाजार प्रतिस्पर्धा के अनुकूल ढलने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगा।
