Veerkrupa Jewellers FY26: मुनाफे में गिरावट के साथ ऑडिट में बड़ी खामियां
Veerkrupa Jewellers ने 2026 के वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹0.20 करोड़ की तुलना में 15% घटकर ₹0.17 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का कुल रेवेन्यू 103% बढ़कर ₹59.39 करोड़ हो गया।
क्यों आई प्रॉफिट में गिरावट?
रेवेन्यू में बंपर उछाल के बावजूद, नेट प्रॉफिट में 15% की गिरावट चिंता का विषय है। लेकिन इससे भी बड़ी चिंता कंपनी के ऑडिटर्स, M/s Shah Karia & Associates, द्वारा जारी किया गया 'क्वालिफाइड ओपिनियन' है। यह पहली बार है जब ऑडिटर ने कंपनी के वित्तीय विवरणों पर ऐसी टिप्पणी की है।
ऑडिटर्स की मुख्य चिंताएं
ऑडिटर्स ने कंपनी के अकाउंटिंग रिकॉर्ड्स को ठीक से न बनाए जाने, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) फाइलिंग में विसंगतियों और इन्वेंटरी के मूल्यांकन (Valuation) को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसका मतलब है कि ₹17.18 करोड़ की इन्वेंटरी और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड्स की सटीकता पर संदेह है।
कंपनी का क्या कहना है?
Veerkrupa Jewellers के मैनेजमेंट का कहना है कि इन खामियों का कंपनी के मुनाफे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका दावा है कि उनके पास पर्याप्त इंटरनल कंट्रोल्स हैं और GST बैलेंस को रिकंसिल किया जा रहा है। मैनेजमेंट ने यह भी बताया कि इन्वेंटरी का मूल्यांकन 'ग्राम-वाइज' बेसिस पर किया जाता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी के नतीजों को और अधिक सावधानी से देखना होगा। ऑडिटर्स की 'क्वालिफाइड ओपिनियन' एक बड़ा गवर्नेंस रेड फ्लैग है, जो कंपनी के इंटरनल कंट्रोल सिस्टम में कमजोरियों की ओर इशारा करता है। भविष्य में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी इन ऑडिट आपत्तियों को कितनी जल्दी दूर करती है।
