Vandan Foods Limited ने अपनी **11वीं** एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का ऐलान **21 सितंबर, 2026** के लिए किया है। कंपनी रेवेन्यू में **140%** की शानदार ग्रोथ के बावजूद मुनाफे में **80%** से ज्यादा की गिरावट देख रही है।
वित्तीय सेहत का हाल
कंपनी ने हाल ही में अपने फाइनेंशियल आंकड़े जारी किए हैं। जहाँ पिछले साल रेवेन्यू ₹108.20 करोड़ था, वह इस बार 140% उछलकर ₹259.63 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹6.91 करोड़ से गिरकर मात्र ₹1.32 करोड़ रह गया है, जो कि 80.88% की गिरावट को दर्शाता है।
AGM में क्या होगा खास?
21 सितंबर, 2026 को होने वाली इस मीटिंग में शेयरहोल्डर्स वोटिंग के जरिए कंपनी की उधारी और निवेश की सीमा को बढ़ाकर ₹300 करोड़ तक करने पर फैसला लेंगे। साथ ही, बोर्ड ने अंकितकुमार सुरेंद्रकुमार अग्रवाल को 5 साल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव भी रखा है।
मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?
कंपनी फिलहाल अपनी कैपेसिटी बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसके कारण फाइनेंस कॉस्ट करीब दोगुनी होकर ₹178.52 लाख पर पहुंच गई है। अरंडी के बीज (Castor seed) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते डेप्रिसिएशन खर्चों के चलते मार्जिन्स पर भारी दबाव बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने कर्ज और कैश फ्लो को कैसे मैनेज करती है।
