Valencia Nutrition Limited ने अपनी बिजनेस स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल दिया है। 13वीं AGM में कंपनी को पांच अलग-अलग सब्सिडियरी में बांटने पर मुहर लग गई है। साथ ही, मैनेजमेंट ने FY32 तक **₹51,787 करोड़** रेवेन्यू का बड़ा टारगेट सेट किया है।
बिजनेस का नया रूप
कंपनी ने अपनी 5 मुख्य वर्टिकल—बेवरेज, स्नैक्स, POS सॉल्यूशंस, न्यूट्राकेयर और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स—को अब स्टैंडअलोन प्राइवेट लिमिटेड सब्सिडियरी बना दिया है। इस बदलाव के बाद, हर यूनिट की अपनी अलग लीडरशिप होगी और उन्हें अपने मुनाफे और नुकसान की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। 13वीं AGM में मिस्टर आशीष कामदार को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और मिस्टर हिरेन जैन को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस रीस्ट्रक्चरिंग का मुख्य मकसद 'रिस्क रिंग-फेंसिंग' और पारदर्शिता लाना है। अलग-अलग सब्सिडियरी बनने से अब हर वर्टिकल का परफॉर्मेंस साफ नजर आएगा, जिससे प्राइवेट इक्विटी और रणनीतिक निवेशकों (strategic investors) को आकर्षित करना आसान हो जाएगा।
ऑपरेशन्स और बड़े टारगेट
कंपनी ने हैदराबाद के चेरलापल्ली में अपनी 'यूनिट II' फैसिलिटी के जरिए मैन्युफैक्चरिंग को रफ्तार दी है। डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी 50 से बढ़ाकर 150 से ज्यादा किया गया है। मैनेजमेंट अब बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) के मॉडल पर काम कर रहा है और उन्होंने FY31-32 तक ₹51,787 करोड़ का रेवेन्यू और ₹23,952 करोड़ की रिटेंड अर्निंग का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी ₹1,500 करोड़ की इक्विटी तैनात करेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
हालांकि मॉडल लचीला है, लेकिन निवेशकों को मैनेजमेंट की एग्जीक्यूशन क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। नई 'वेलेंसिया मोट' (Valencia Moat) रणनीति के तहत 9 कॉमन सर्विसेज (आईटी, लीगल, अकाउंटिंग) को पांचों सब्सिडियरी के बीच मैनेज करना एक बड़ी चुनौती होगी ताकि एडमिनिस्ट्रेटिव खर्च न बढ़े।
