Vadilal Dairy International Ltd की 39वीं AGM में कंपनी ने FY26 के लिए **₹24.17 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है। भले ही कंपनी का नेट लॉस घटकर **₹0.68 करोड़** रह गया हो, लेकिन कंपनी सेक्रेटरी की कमी और कानूनी विवादों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे और रेवेन्यू का हाल
कंपनी ने अपनी 39वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों पर चर्चा की। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹26.63 करोड़ से गिरकर ₹24.17 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के ₹0.89 करोड़ से कम होकर ₹0.68 करोड़ पर आ गया है, जो ऑपरेशनल दक्षता में सुधार की ओर इशारा करता है।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी मुश्किलें
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता गवर्नेंस को लेकर है। कंपनी में फिलहाल कोई परमानेंट कंपनी सेक्रेटरी या कंप्लायंस ऑफिसर नहीं है, जो 'कंपनीज एक्ट 2013' की धारा 203 का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा, SEBI के नियमों का पालन न करने के कारण प्रमोटरों के कुछ शेयर अभी भी फ्रीज हैं। स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) का IICA डेटा बैंक में रजिस्टर न होना भी बड़ी कानूनी अड़चन बना हुआ है।
ट्रेडमार्क विवाद का साया
कंपनी लंबे समय से एक फैमिली डिस्प्यूट में उलझी हुई है, जो साल 1993 के एक एग्रीमेंट से जुड़ा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने हालांकि कंपनी को 'Vadilal' ब्रांड नाम इस्तेमाल करने की अंतरिम राहत दी है, लेकिन Vadilal Industries USA और Vadilal International Pvt. Ltd. के बीच का कानूनी विवाद ब्रांड की स्थिरता के लिए एक बड़ा रिस्क बना हुआ है।
आगे का रास्ता और लक्ष्य
मैनेजमेंट ने नई आइसक्रीम और फ्रोजन डेसर्ट वैरायटी के जरिए वॉल्यूम में 50% की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। फिलहाल कंपनी का मुख्य फोकस कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति और रेगुलेटरी कंप्लायंस पूरा करने पर है ताकि प्रमोटर शेयरों पर से रोक हटाई जा सके। निवेशकों को कंपनी की कानूनी प्रगति और कंप्लायंस पर पैनी नजर रखने की सलाह है।
