V2 Retail के प्रमोटर राम चंद्र अग्रवाल ने कंपनी में अपनी **1.72%** हिस्सेदारी कम कर दी है। उन्होंने **6 नवंबर, 2026** को बाजार में एक बल्क डील के जरिए **62.6 लाख** शेयर बेचे हैं।
बड़ी हिस्सेदारी का सौदा
इस बल्क डील के बाद, कंपनी में प्रमोटर और 'पर्सन्स एक्टिंग इन कॉन्सर्ट' (PAC) की कुल हिस्सेदारी 48.72% से गिरकर 47.01% पर आ गई है। इस ट्रांजैक्शन में कुल 62,60,000 शेयर बेचे गए हैं, जो कंपनी की कुल पेड-अप शेयर कैपिटल का 1.72% हिस्सा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
शेयर बाजार में प्रमोटर होल्डिंग को कंपनी के प्रति मैनेजमेंट के भरोसे का पैमाना माना जाता है। हालांकि, बल्क डील के जरिए हिस्सेदारी बेचना हमेशा खराब नतीजों का संकेत नहीं होता, लेकिन इंस्टीट्यूशनल निवेशक इसे ध्यान से देख रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में शेयर क्यों बेचे गए। कंपनी का मालिकाना हक अभी भी प्रमोटर्स के पास ही है, लेकिन इक्विटी स्ट्रक्चर में यह एक बड़ा बदलाव है।
कौन शामिल है प्रमोटर ग्रुप में?
इस बिक्री में उमा अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, श्रेया अग्रवाल, V2 Conglomerate Limited, विशाल वाटरवर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड, रिकॉन कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड और रामचंद्र अग्रवाल (HUF) जैसे नाम शामिल हैं।
आगे क्या देखें?
अब निवेशकों की नजर कंपनी के अगले तिमाही नतीजों और रेगुलर फाइलिंग्स पर रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह केवल एक बार की लिक्विडिटी के लिए की गई बिक्री है या प्रमोटर्स आगे भी हिस्सेदारी कम करने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा, संस्थागत खरीदारों (Institutional Buyers) की दिलचस्पी भी स्टॉक की चाल तय करेगी।
