United Breweries के लिए दूसरी तिमाही (Q2 FY27) बेहद शानदार रही है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **190.9%** बढ़कर **₹134.81 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में भी **23.7%** की दमदार बढ़त देखी गई है।
प्रीमियम डिमांड से मिली रफ्तार
इस तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन प्रीमियम सेगमेंट की बदौलत काफी बेहतर रहा है। Heineken Silver और Kingfisher Ultra जैसे ब्रांड्स की मांग में 38% का इजाफा हुआ है। बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट और स्केल का फायदा मिलने से कंपनी का EBITDA मार्जिन 480 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 11.9% हो गया है।
कैपेसिटी एक्सपेंशन और ऑपरेशन
बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने अपनी सप्लाई चेन को और मजबूत किया है। तेलंगाना के निज़ाम और महाराष्ट्र के एलोरा में नई कैन प्रोडक्शन लाइन्स शुरू कर दी गई हैं, जिससे भविष्य में सप्लाई की दिक्कत नहीं आएगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
कंपनी के शानदार नतीजों के बीच निवेशकों को कानूनी मामलों पर नजर रखनी होगी। कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने कंपनी पर ₹751.83 करोड़ का जुर्माना लगाया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इसकी वसूली पर रोक लगा दी है, लेकिन यह मामला अभी पेंडिंग है। इसके अलावा, बिहार में चल रहा लीज विवाद भी कंपनी के लिए एक चुनौती बना हुआ है, जिसके समाधान के लिए कंपनी ने राज्य की 'अमनेस्टी पॉलिसी' (Amnesty Policy) के तहत राहत की मांग की है।
