Umiya Mobile की FY26 कमाई ₹8,084 करोड़ के पार, 1,247% की रिकॉर्ड ग्रोथ!
Umiya Mobile लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल के ₹600 करोड़ की तुलना में 1,247% बढ़कर ₹8,084 करोड़ हो गया है। यह किसी भी रिटेल कंपनी के लिए एक असाधारण ग्रोथ है।
मुनाफा भी बढ़ा, कर्ज़ घटा
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, कंपनी के मुनाफे में भी 67.3% का इजाफा हुआ है। FY26 में नेट प्रॉफिट ₹9.2 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹5.5 करोड़ था। EBITDA भी बढ़कर ₹15.1 करोड़ पर पहुंच गया है।
ग्रोथ का राज: टियर 2/3 शहर और B2B
इस शानदार ग्रोथ के पीछे कंपनी की स्ट्रेटेजी काम कर रही है। Umiya Mobile खास तौर पर टियर 2 और टियर 3 शहरों में अपने स्टोर खोल रही है। साथ ही, बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सेगमेंट से कंपनी की 73% से ज्यादा कमाई हो रही है, और मैनेजमेंट को इसमें और भी ग्रोथ की उम्मीद है।>
स्मार्टफोन का दबदबा
रेवेन्यू में 96% से ज्यादा हिस्सा स्मार्टफोन कैटेगरी का है, जो बताता है कि कंपनी का मुख्य फोकस इसी सेगमेंट पर है।
क्यों अहम है यह खबर?
इतनी बड़ी रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी की मार्केट में मजबूत पकड़ और सफल स्केलिंग को दिखाती है। टियर 2/3 शहरों पर फोकस और B2B से अच्छी कमाई कंपनी के ग्रोथ प्लान को मजबूत करती है। IPO के बाद कंपनी की डेट-इक्विटी रेशियो भी 3.77 से घटकर 1.2 हो गई है, जो एक मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत है। मैनेजमेंट का लक्ष्य अगले दो सालों में EBITDA मार्जिन को 1.8%-1.9% से बढ़ाकर 3% करना है।
कंपनी की पिछली कहानी
Umiya Mobile के गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 400 से ज्यादा स्टोर हैं। IPO के बाद से 100 से ज्यादा नए स्टोर खोले गए हैं। कंपनी छोटे शहरों में अपनी पहुंच बढ़ा रही है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से अलग दिखने के लिए खास ऑफलाइन ऑफर्स, फाइनेंसिंग टाई-अप्स और बेहतर कस्टमर एक्सपीरियंस पर जोर दे रही है।
आगे क्या?
FY26 के नतीजों के साथ, Umiya Mobile 2026 में बॉम्बे, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्यों में भी कदम रखने की तैयारी में है। कंपनी का फोकस फिलहाल ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है, और वह लाभांश (dividend) से ज्यादा विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन सालों में मेन बोर्ड पर माइग्रेट करना भी है।
जोखिमों पर नज़र
तेजी के बावजूद, कंपनी के EBITDA मार्जिन अभी भी कम (1.8%-1.9%) हैं, जिससे लागत बढ़ने पर खतरा हो सकता है। नए राज्यों में विस्तार में एग्जीक्यूशन रिस्क है। प्रति स्टोर औसत मंथली टर्नओवर ₹25-30 लाख के बीच है।
