बोनस शेयर का क्या है मतलब?
Trent Limited ने अपने योग्य शेयरधारकों के लिए 17,77,44,100 (17.77 करोड़) इक्विटी बोनस शेयर आवंटित किए हैं। यह आवंटन 1:2 के अनुपात में किया गया है, जिसका मतलब है कि रिकॉर्ड डेट (4 जून, 2026) तक जिन शेयरधारकों के पास हर 2 शेयर थे, उन्हें 1 बोनस शेयर मिला है। इस आवंटन के बाद कंपनी के कुल बकाया शेयरों की संख्या बढ़कर 53,32,32,301 (53.32 करोड़) हो गई है।
क्यों हुआ ये बदलाव?
इस कॉर्पोरेट एक्शन से कंपनी के कुल बकाया शेयरों की संख्या बढ़ गई है, जिसका सीधा असर शेयरधारकों की इक्विटी पर पड़ेगा। इसी के चलते, कंपनी ने बढ़े हुए शेयर आधार के अनुसार डिविडेंड भुगतान को बनाए रखने के लिए प्रति शेयर डिविडेंड को पहले घोषित ₹6 से घटाकर ₹4 कर दिया है।
कंपनी की मंशा
Trent के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस बोनस इश्यू को मंजूरी दी थी। यह शेयरधारकों को पुरस्कृत करने और बिना नकदी वितरण के तरलता बढ़ाने का एक आम तरीका है।
अब क्या होगा?
बोनस शेयरों के कारण मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी 50% बढ़ जाएगी। हालांकि, डिविडेंड भुगतान प्रति शेयर ₹4 ही मिलेगा। कंपनी की पॉलिसी के अनुसार फ्रैक्शनल शेयरों और होल्ड पर रखे गए शेयरों का प्रबंधन अलग से किया जा रहा है।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
निवेशकों को समायोजित डिविडेंड प्रति शेयर (Adjusted Dividend Per Share) पर ध्यान देना चाहिए। शेयर की कीमत में कोई भी भविष्य की हलचल अब बड़े इक्विटी बेस के आधार पर होगी।
तुलना
Reliance Industries और Tata Steel जैसी कंपनियां भी ऐतिहासिक रूप से शेयरधारकों को पुरस्कृत करने के लिए बोनस इश्यू का इस्तेमाल करती आई हैं। Trent का यह कदम इसी प्रथा के अनुरूप है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को शेयरों की बढ़ी हुई संख्या और समायोजित डिविडेंड पर बाजार की प्रतिक्रिया पर नजर रखनी चाहिए। फ्रैक्शनल शेयरों की बिक्री से प्राप्त आय पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
