Tilaknagar Industries ने FY26 में 68% इनकम ग्रोथ दर्ज की, पर एक्वीजीशन की लागत भारी पड़ी
Tilaknagar Industries ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कुल इनकम पिछले साल के ₹3,138.55 करोड़ की तुलना में 68.03% बढ़कर ₹5,273.66 करोड़ हो गई। लेकिन, कंपनी का नेट प्रॉफिट 90.91% की भारी गिरावट के साथ ₹229.59 करोड़ से घटकर ₹20.87 करोड़ पर आ गया।
क्या हैं नतीजों के मुख्य बिंदु?
कंपनी के नतीजों में इनकम में जोरदार उछाल के बावजूद प्रॉफिट में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस प्रॉफिट में कमी की मुख्य वजह Imperial Blue एक्वीजीशन पर आया ₹220.07 करोड़ का भारी खर्च और ₹11.90 करोड़ का ग्रेच्युटी (Gratuity) कॉस्ट रहा। हालांकि, कंपनी को इनकम टैक्स सर्च ऑपरेशन के बाद ₹168.69 करोड़ का टैक्स रिलीफ भी मिला है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी ने FY26 के लिए ₹1 प्रति इक्विटी शेयर (10%) के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। इसके अलावा, बोर्ड ने नाइजीरिया में एक व्होली-ओन्ड सब्सिडियरी (Wholly-owned subsidiary) स्थापित करने को मंजूरी दे दी है, जहां Imperial Blue का प्रोडक्शन और सेल्स किया जाएगा। इसके लिए कंपनी ₹30 करोड़ तक का निवेश करेगी। कंपनी ने अपनी दो सब्सिडियरी, Punjabexpo Breweries और Vahni Distilleries के मर्जर (Amalgamation) को भी मंजूरी दे दी है।
सामने क्या हैं चुनौतियां?
कंपनी के ऑडिटर ने ENA प्लांट की इम्पेयरमेंट (Impairment) को लेकर क्वालीफाइड ओपिनियन (Qualified opinion) जारी किया है, जिससे एसेट्स वैल्यू के ज्यादा अनुमान की चिंताएं बढ़ गई हैं। साथ ही, बॉम्बे हाई कोर्ट में ब्रांड ओनरशिप को लेकर एक लिटिगेशन (Litigation) भी चल रहा है, जो कंपनी के की एसेट्स के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकता है।
