Tahmar Enterprises अपने कोल्हापुर स्थित डिस्टिलरी और रियल एस्टेट संपत्तियों को बेचने की संभावनाओं को परख रही है, साथ ही कंपनी अब IMFL और MML लिकर उत्पादन के कारोबार में उतरने की तैयारी कर रही है।
एसेट मोनेटाइजेशन और नई रणनीति
Tahmar Enterprises के बोर्ड ने 21 सितंबर 2026 को हुई बैठक में कंपनी के पोर्टफोलियो में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। कंपनी को कोल्हापुर स्थित अपनी ग्रेन-बेस्ड डिस्टिलरी के लिए दो अनसोलिसिटेड (बिना मांगे) ऑफर मिले हैं। इसके अलावा, Seebhal Distillery Private Limited की ओर से गोवा और महाराष्ट्र में रियल एस्टेट संपत्तियों को खरीदने का प्रस्ताव आया है। बोर्ड ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन सभी संपत्तियों की इंडिपेंडेंट वैल्यूएशन करवाने का फैसला लिया है। अभी तक कोई भी बाइंडिंग एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ है।
लिकर बिजनेस में विस्तार
कंपनी ने अपने खाली पड़े डिस्टिलरी इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करने की रणनीति बनाई है। महाराष्ट्र स्टेट एक्साइज डिपार्टमेंट से कंपनी को 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के लिए IMFL (Indian Made Foreign Liquor) बनाने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही, कंपनी MML (Maharashtra Made Liquor) बनाने पर भी काम कर रही है और कंट्री लिकर के लिए 'फॉर्म CL-1' लाइसेंस हासिल करने की कोशिश में है। मैनेजमेंट के अनुसार, इन नए बिजनेस के लिए बहुत कम कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरत है, क्योंकि सारा ध्यान वर्किंग कैपिटल को जुटाकर ऑपरेशंस दोबारा शुरू करने पर है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और रिस्क
निवेशकों को दो मुख्य बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- गवर्नेंस: संबंधित पक्ष (Related-party) को संपत्ति बेचने के प्रस्ताव की समीक्षा ऑडिट कमेटी द्वारा की जा रही है, जो कि एक अहम पॉइंट है।
- कानूनी पेच: MML मैन्युफैक्चरिंग का मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में चल रही रिट पिटिशन (Writ Petition No. 15506 of 2025) से जुड़ा है। हालांकि IMFL का बिजनेस इससे अलग है, लेकिन लाइसेंसिंग और ब्रांड रजिस्ट्रेशन से जुड़ी रेगुलेटरी खबरें स्टॉक की चाल तय करेंगी।
