TTK Healthcare की रेवेन्यू में वृद्धि, पर मुनाफे पर दबाव
TTK Healthcare लिमिटेड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए 7% की बढ़ोतरी के साथ ₹857.28 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष (FY25) में यह ₹801.49 करोड़ था। हालांकि, कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 20% की गिरावट आई है, जो ₹81.65 करोड़ से घटकर ₹65.68 करोड़ रह गया।
क्या कहता है यह?
कंपनी के शीर्ष-लाइन (top-line) यानी रेवेन्यू में वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है। लेकिन, मुनाफे में आई कमी मार्जिन मैनेजमेंट को लेकर चिंता पैदा करती है। हालांकि, सुझाया गया डिविडेंड भविष्य के कैश फ्लो पर कंपनी के भरोसे को दर्शाता है, लेकिन निवेशकों की नजर मुनाफे की स्थिरता पर रहेगी।
कंपनी की पृष्ठभूमि
31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए, TTK Healthcare लिमिटेड ने अपने ऑडिट किए गए नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी एनिमल वेलफेयर, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, मेडिकल डिवाइसेस, प्रोटेक्टिव डिवाइसेस और फूड्स जैसे विभिन्न सेगमेंट में काम करती है। पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) में ₹801.49 करोड़ का रेवेन्यू और ₹81.65 करोड़ का PAT दर्ज किया गया था।
आगे क्या?
बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹10 प्रति इक्विटी शेयर (100%) का डिविडेंड देने की सिफारिश की है। T T Raghunathan को 1 नवंबर, 2026 से अगले पांच साल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है। कंपनी ने M/s Geeyes & Co. को FY 2026-27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर भी नियुक्त किया है।
जोखिम पर नजर
कंपनी के मुनाफे पर Q3 FY26 में लेबर कोड (ग्रेच्युटी और लॉन्ग-टर्म कॉम्पेंसेटेड एब्सेंसेज) से संबंधित ₹7.58 करोड़ के नेट चार्ज और Q4 FY26 में GST रिफंड से ₹3.50 करोड़ की असाधारण आय से असर पड़ा। भविष्य का प्रदर्शन इन लेबर कोड प्रावधानों के प्रभाव और संभावित लागत समायोजनों से प्रभावित हो सकता है।
सेगमेंट प्रदर्शन
- एनिमल वेलफेयर: रेवेन्यू ₹141.08 करोड़, प्रॉफिट ₹11.92 करोड़।
- कंज्यूमर प्रोडक्ट्स: रेवेन्यू ₹241.28 करोड़, प्रॉफिट ₹18.35 करोड़।
- मेडिकल डिवाइसेस: रेवेन्यू ₹106.92 करोड़, प्रॉफिट ₹22.54 करोड़।
- प्रोटेक्टिव डिवाइसेस: रेवेन्यू ₹216.51 करोड़, लॉस ₹10.54 करोड़।
- फूड्स: रेवेन्यू ₹151.10 करोड़, प्रॉफिट ₹13.43 करोड़।
आगे क्या देखना है?
निवेशक यह देखेंगे कि TTK Healthcare आने वाले वित्तीय वर्ष में लागतों का प्रबंधन कैसे करता है, खासकर लेबर कोड के संबंध में, और इसका बॉटम लाइन पर क्या प्रभाव पड़ता है। प्रोटेक्टिव डिवाइसेस सेगमेंट का प्रदर्शन, जिसने लॉस दर्ज किया, भी जांच के दायरे में रहेगा।
